GPT Infra Share Price: निवेशकों की चांदी! ₹154 Cr में सिग्नलिंग कंपनी खरीदी, ऑर्डर बुक ₹4,415 Cr पार

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AuthorMehul Desai|Published at:
GPT Infra Share Price: निवेशकों की चांदी! ₹154 Cr में सिग्नलिंग कंपनी खरीदी, ऑर्डर बुक ₹4,415 Cr पार
Overview

GPT Infraprojects ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने **₹154 करोड़** में Alcon Builders को खरीदकर हाई-मार्जिन सिग्नलिंग EPC सेक्टर में एंट्री का ऐलान किया है। इस डील के साथ कंपनी की ऑर्डर बुक **₹4,415 करोड़** के पार पहुंच गई है, जो इसके पिछले फाइनेंशियल ईयर के रेवेन्यू का लगभग **3.75 गुना** है।

नतीजों पर एक नज़र

GPT Infraprojects ने Q3 FY'26 में ₹283.9 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही से 2% ज्यादा है। वहीं, 9 महीने (9M FY'26) के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹875.2 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 9M FY'26 में 17% बढ़कर ₹65.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹55.8 करोड़ था। कंपनी का लॉन्ग-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस 13% से ऊपर बना हुआ है।

सिग्नलिंग सेक्टर में बड़ी एंट्री

कंपनी की सबसे बड़ी खबर Alcon Builders and Engineers Private Limited के 100% शेयर ₹154.19 करोड़ में खरीदने का करार है। Alcon एक सिग्नलिंग EPC कॉन्ट्रैक्टर है और इसके पास ₹200 करोड़ के अन-एक्जीक्यूटेड ऑर्डर्स हैं। यह कंपनी लगभग 22% EBITDA मार्जिन देती है। करीब 1.5 बिलियन डॉलर के सिग्नलिंग EPC सेगमेंट में इस एंट्री से GPT Infra की वैल्यू बढ़ेगी और रेवेन्यू व मार्जिन में अहम योगदान मिलेगा।

मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की योजनाएं

Q3 FY'26 में परिचालन (operations) पर लंबे मॉनसून और फेस्टिव सीजन का थोड़ा असर पड़ा, जिससे लगभग ₹45-50 करोड़ का रेवेन्यू Q4 FY'26 के लिए टल गया। हालांकि, कंपनी ने Q3 FY'26 में ₹1,072 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए और ₹1,201 करोड़ के एक बड़े कॉन्ट्रैक्ट में L1 (लोएस्ट बिडर) घोषित हुई है, जिसमें GPT का हिस्सा ₹480 करोड़ है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी की नेट अन-एक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक ₹4,415 करोड़ पर मजबूत स्थिति में है, जो FY'25 के रेवेन्यू का लगभग 3.75 गुना है।

ग्रोथ का दमदार आउटलुक

GPT Infraprojects का अनुमान है कि Alcon के अधिग्रहण और मजबूत ऑर्डर बैकलॉग के दम पर FY'27 में रेवेन्यू 25% से ज्यादा बढ़ेगा। कंपनी FY'27 में ग्रोथ के लिए किसी इक्विटी फंडरेज़िंग पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि इंटरनल एक्रूल (internal accruals) और वर्किंग कैपिटल डेट का सहारा लेगी। प्रमोटर प्लेज (promoter pledge) जल्द ही 35% से घटकर 25% होने की उम्मीद है। अगले फाइनेंशियल ईयर में ब्याज लागत (interest costs) ₹30 करोड़ से नीचे रहने का अनुमान है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY'26) के लिए रेवेन्यू का अनुमान लगभग ₹1,400 करोड़ है, जो 18-20% की ग्रोथ दर्शाता है। FY'26 के लिए ऑर्डर इनफ्लो का लक्ष्य बढ़ाकर ₹2,500 करोड़ कर दिया गया है।

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