GMR Aero Technic ने फ्रांस की UUDS Aero के साथ मिलकर हैदराबाद में 'इंटीग्रेटेड केबिन एक्सीलेंस सेंटर' खोलने का ऐलान किया है। यह कदम कंपनी की मेंटेनेंस क्षमता को बढ़ाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, लेकिन निवेशकों को पैरेंट ग्रुप के बढ़ते कर्ज पर भी नजर रखनी होगी।
GMR Aero Technic ने फ्रांस की दिग्गज कंपनी UUDS Aero के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस करार के तहत हैदराबाद में एक 'इंटीग्रेटेड केबिन एक्सीलेंस सेंटर' तैयार किया जाएगा। इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य एयरक्राफ्ट इंटीरियर से जुड़ी सभी सेवाओं जैसे- डिजाइन, इंजीनियरिंग, सर्टिफिकेशन और रेट्रोफिटिंग को एक ही छत के नीचे लाना है। इस कदम से घरेलू एयरलाइंस को काम के लिए विदेश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे समय और लॉजिस्टिक्स खर्च में बड़ी बचत होगी।\n\n### विस्तार की आक्रामक रणनीति\nकंपनी अपनी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) क्षमता को 2028 तक दोगुना करने के लिए $100 मिलियन का बड़ा निवेश कर रही है। इससे पहले, GMR ने StandardAero के साथ भी हाथ मिलाया था ताकि एशिया-पैसिफिक रीजन में इंजन सपोर्ट दिया जा सके।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम और मौके\nकंपनी का ऑपरेशंस को स्केल करने का इरादा साफ है, लेकिन निवेशकों को इसके पैरेंट ग्रुप GMR Airports Ltd की बैलेंस शीट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज ₹42,196 करोड़ था। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹4,085 करोड़ रही और मुनाफा ₹148 करोड़ दर्ज किया गया है।\n\nअब देखना यह होगा कि कंपनी अपनी भारी कर्ज की स्थिति को संभालते हुए इन बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर कैसे पूरा करती है।
