GMM Pfaudler के निवेशकों की चांदी हो गई है। कंपनी ने रिकॉर्ड **₹2,289 करोड़** का ऑर्डर बैकलाग हासिल किया है, जिसके चलते सितंबर महीने में शेयर **40%** तक उछल गया और **₹1,461.30** के नए 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर को छू लिया है।
तेजी की असली वजह
कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां कंपनी लंबे प्रोजेक्ट्स पर काम करती थी, वहीं अब उसने 10 से 12 महीने के एग्जीक्यूशन साइकिल वाले प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ा दिया है। इससे न केवल कैश फ्लो बेहतर हो रहा है, बल्कि रेवेन्यू रिकग्निशन में भी तेजी आई है। FY27 की पहली तिमाही में ही कंपनी ने ₹1,007 करोड़ से ज्यादा के नए ऑर्डर्स हासिल किए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा है।
बिजनेस में बदलाव (Diversification)
कंपनी अब सिर्फ फार्मा और केमिकल सेक्टर पर निर्भर नहीं है। अब ऑयल एंड गैस, डिफेंस, माइनिंग और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे सेक्टर कंपनी के कुल ऑर्डर्स का 43% हिस्सा बन चुके हैं, जो FY25 में सिर्फ 33% था। कंपनी का सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में उतरना भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
मार्जिन और चुनौतियां
वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 60% के स्तर पर बना हुआ है। हालांकि कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक चुनौती है, लेकिन मैनेजमेंट का लक्ष्य ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाकर ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन को 11.7% से ऊपर ले जाकर 15% तक पहुंचाने का है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की मार्जिन मेंटेन करने की क्षमता और बढ़ती वैल्युएशन पर नजर रखें, क्योंकि पिछले एक महीने में स्टॉक में 40% की बड़ी रैली देखने को मिली है।
