नतीजों में दिखी दमदार ग्रोथ
GE Vernova T&D India ने इस तिमाही (Q3 FY'26) में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू 58% बढ़कर ₹17 अरब पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹10.7 अरब था। इससे भी खास बात यह है कि प्रॉफिट बिफोर टैक्स (exceptional items को छोड़कर) ₹1.9 अरब से दोगुना से भी ज्यादा होकर ₹4.6 अरब हो गया।
कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी शानदार रही। EBITDA मार्जिन इस तिमाही में 26.7% रहा। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 26 के पहले नौ महीनों में, मार्जिन पिछले साल के मुकाबले 80 बेसिस पॉइंट बढ़कर 27.1% हो गया। इस तिमाही में ₹693 मिलियन का एक एक्सेप्शनल आइटम (retiral benefits) भी बुक हुआ, जिसका असर बॉटम लाइन पर थोड़ा दिखा, लेकिन कंपनी के कोर ऑपरेशंस मजबूत बने रहे।
ऑर्डर बुक में 41% का इजाफा
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि ऑर्डर बुक में 41% की तगड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹29.4 अरब तक पहुंच गई है। इसमें चंद्रपुर HVDC रिफर्बिशमेंट जैसे बड़े ऑर्डर शामिल हैं। कुल ऑर्डर बैकलॉग बढ़कर ₹143.8 अरब हो गया है, जो पिछली तिमाही से 10% ज्यादा है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं रहेगी। फाइनेंशियल ईयर 26 के पहले नौ महीनों में कुल ऑर्डर ₹61.6 अरब रहे, जिसमें 15% एक्सपोर्ट से आए।
मैनेजमेंट का भरोसा और आगे की रणनीति
कंपनी का मैनेजमेंट भारत के एनर्जी टारगेट्स, पीक पावर डिमांड और रिन्यूएबल एनर्जी (जैसे HVDC सॉल्यूशंस) को बढ़ावा देने को ग्रोथ के बड़े मौके के तौर पर देख रहा है। ग्रिड को मॉडर्न बनाने और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर में भी कंपनी को अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।
मैनेजमेंट ने कहा कि वे यूरोपीय FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) के असर का आकलन कर रहे हैं। साथ ही, 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत लोकल मैन्युफैक्चरिंग को लेकर वे आश्वस्त हैं और चीन से मुकाबला करने को तैयार हैं। कंपनी को उम्मीद है कि FY'26 में EBITDA मार्जिन 20 के दशक के मध्य (mid-20s) में बना रहेगा, और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद मार्जिन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और निवेश योजना
GE Vernova T&D India की फाइनेंशियल पोजीशन काफी मजबूत है। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और उसके पास ₹15.9 अरब की नकदी (cash and cash equivalents) है। नौ महीनों में ऑपरेशनल कैश फ्लो ₹6.7 अरब रहा। कंपनी अगले तीन सालों (FY'26-'28) में ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए लगभग ₹1,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना बना रही है।
रिस्क फैक्टर और भविष्य
भविष्य को लेकर कंपनी का आउटलुक सकारात्मक है, लेकिन कुछ जोखिम भी हैं, जैसे कि इंटरनेशनल ट्रेड एग्रीमेंट्स का असर और प्रतिस्पर्धियों की लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विकास। बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में एग्जीक्यूशन रिस्क हमेशा रहता है। निवेशकों को अडानी खवडा HVDC प्रोजेक्ट के बुकिंग पर नजर रखनी चाहिए और कंपनी की मार्जिन गाइडेंस को बनाए रखने की क्षमता पर भी ध्यान देना चाहिए।