GE Power India के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के तीसरे क्वार्टर (Q3) के नतीजे नतीजों के मुकाबले काफी बेहतर रहे हैं। कंपनी की रेवेन्यू में 22% की ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹386 करोड़ तक पहुंच गई। लेकिन सबसे बड़ी खबर प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) को लेकर है, जो पिछले साल के ₹23 करोड़ से सीधा 470% से भी ज़्यादा बढ़कर ₹131 करोड़ पर जा पहुंचा। ये नंबर्स कंपनी की शानदार रिकवरी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार को दर्शाते हैं।
कंपनी की ऑर्डर बुक भी ₹1,671 करोड़ पर मजबूत बनी हुई है, जो भविष्य के लिए अच्छी विजिबिलिटी दे रही है। मैनेजमेंट ने बताया कि कंपनी हाई-मार्जिन वाले कोर सर्विसेज पर अपना फोकस बढ़ा रही है। इस सेगमेंट में 21% की शानदार ऑर्डर ग्रोथ देखी गई है, जो कंपनी के भविष्य के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
बिजनेस को और भी स्ट्रीमलाइन करने के लिए, Durgapur फैसिलिटी को JSW Energy को डीमर्ज (demerge) करने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इस डीमर्जर से कंपनी के पोर्टफोलियो को और बेहतर बनाने और फिक्स्ड कॉस्ट को कम करने की उम्मीद है।
इस दमदार परफॉरमेंस के पीछे ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार और कुछ महत्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक सेटलमेंट्स का असर साफ दिख रहा है।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। ₹41.57 करोड़ का एक GST डिमांड नोटिस कंपनी को मिला है, जिसके खिलाफ कंपनी अपील करेगी। इसके अलावा, Flue Gas Desulphurization (FGD) इंस्टॉलेशन पर कुछ सीमाएं भी एक सिरदर्द बन सकती हैं, हालांकि कंपनी मार्केट की चाल पर बारीकी से नज़र रखे हुए है।
निवेशक अब Durgapur फैसिलिटी के डीमर्जर की मंजूरी और JSW Energy के साथ आगे की प्रगति पर नज़र रखेंगे। साथ ही, कंपनी अपने डबल-डिजिट नॉर्मलाइज्ड EBITDA के लक्ष्य को कैसे हासिल करती है, यह देखना भी अहम होगा। नई ऑर्डर्स का इनफ्लो और मौजूदा ऑर्डर बुक का एग्जीक्यूशन भी भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
