Kesoram Industries पर Frontier Warehousing का बड़ा कदम: ₹5.48 के भाव पर खुला ऑफर
Frontier Warehousing Limited (Acquirer) ने Kesoram Industries Limited (Target Company) के 26% शेयर खरीदने के लिए ₹5.48 प्रति इक्विटी शेयर के भाव पर एक ओपन ऑफर (Open Offer) शुरू किया है। यह ओपन ऑफर कुल 8,07,72,600 इक्विटी शेयरों के लिए है और पूरी तरह कैश में होगा। यह पेशकश Frontier Warehousing द्वारा 4 दिसंबर, 2025 को Kesoram Industries के मौजूदा प्रमोटर ग्रुप से 42.80% हिस्सेदारी खरीदने के एग्रीमेंट का सीधा नतीजा है।
ओपन ऑफर और नए प्रमोटर का उदय
सेबी (SEBI) के नियमों के तहत यह एक अनिवार्य ओपन ऑफर है। यह ऑफर 26 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 12 मार्च, 2026 तक चलेगा। प्रमोटर शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement - SPA) के तहत प्रमोटर की हिस्सेदारी एक्वायर करने के बाद, Frontier Warehousing Kesoram Industries का नया प्रमोटर बन जाएगा, और मौजूदा प्रमोटर बाहर निकल जाएंगे।
Kesoram Industries का वित्तीय हाल: घाटे से उबरने की जद्दोजहद
Kesoram Industries, जो कभी सीमेंट सेक्टर का एक बड़ा नाम था, फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रही है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2024-2025 में कंपनी ने ₹5,675.14 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया, लेकिन यह मुख्य रूप से सीमेंट बिजनेस के डीमर्जर (Demerger) से हुए ₹5,675.63 करोड़ के लाभ की वजह से है। इस एकमुश्त लाभ को हटा दें तो, कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन कमजोर रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2023-2024 में ₹381.38 करोड़ और फाइनेंशियल ईयर 2022-2023 में ₹194.27 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया था। सितंबर 2025 में समाप्त छह महीनों के लिए, Kesoram ने ₹116.22 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹125.21 करोड़ का नेट लॉस पोस्ट किया। कंपनी का रेवेन्यू भी FY23 के ₹3,778.05 करोड़ से घटकर FY25 में सिर्फ ₹258.76 करोड़ रह गया है।
Frontier Warehousing की वित्तीय स्थिति: कर्ज का बोझ?
अधिग्रहणकर्ता, Frontier Warehousing Limited, मुख्य रूप से वेयरहाउसिंग, मॉल और इंडस्ट्रियल पार्क के कारोबार में है। इसके रेवेन्यू में कुछ बढ़ोतरी देखी गई है, जो FY23 के ₹37.48 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹54.59 करोड़ हो गए हैं। हालांकि, कंपनी की बैलेंस शीट में कर्ज का स्तर चिंताजनक है। 30 सितंबर, 2025 तक, Frontier Warehousing के पास कुल इक्विटी ₹141.29 करोड़ थी, जबकि उसका लॉन्ग-टर्म कर्ज बढ़कर ₹434.38 करोड़ हो गया था। इक्विटी की तुलना में कर्ज का यह भारी बोझ कंपनी की वित्तीय स्थिरता पर सवाल खड़े करता है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
इस ओपन ऑफर और Kesoram Industries के भविष्य पर कई जोखिम मंडरा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता अधिग्रहणकर्ता का भारी कर्ज है, जो भविष्य में उसके विस्तार या आर्थिक मंदी से निपटने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। Kesoram के लिए, लगातार ऑपरेशनल घाटे यह दर्शाते हैं कि प्रबंधन बदलने के बाद भी व्यापारिक चुनौतियां बनी रह सकती हैं। इसके अलावा, ऑफर डॉक्यूमेंट में कुछ चिंताजनक बातों का भी जिक्र है, जैसे कि ऑफर के रजिस्ट्रार (MCS Share Transfer Agent Ltd) पर पहले सेबी की कार्रवाई हो चुकी है और ऑफर मैनेजर (Mark Corporate Advisors Private Limited) को सेबी से एडमिनिस्ट्रेटिव वार्निंग लेटर्स मिल चुके हैं। ये मुद्दे, भले ही अब सुलझ गए हों, निवेशकों को ध्यान में रखने चाहिए।
आगे की रणनीति
Frontier Warehousing का इरादा Kesoram का प्रमोटर बनकर उसके ऑपरेशंस, एसेट्स और लायबिलिटीज को व्यवस्थित करना है। अधिग्रहणकर्ता, विविधीकरण की तलाश में, Kesoram के मौजूदा व्यापारिक क्षेत्रों की समीक्षा करेगा और संभवतः शेयरधारकों की मंजूरी के बाद नई परियोजनाओं को पेश करेगा।
