बढ़त की आंधी में मार्जिन पर दबाव!
भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिकल सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग के बीच Finolex Cables ने अपनी टॉप-लाइन परफॉर्मेंस में शानदार ग्रोथ दिखाई है। लेकिन, इस वॉल्यूम ग्रोथ को मुनाफे में बदलने की चुनौती कंपनी के सामने बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण इनपुट कॉस्ट में लगातार उतार-चढ़ाव है।
रेवेन्यू में उछाल, पर मुनाफे में सेंध?
अगर नतीजों पर गौर करें तो Finolex Cables ने Q3 में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले अपने रेवेन्यू में 35.2% का इजाफा कर ₹1,598.6 करोड़ का आंकड़ा छुआ। इस ग्रोथ में इलेक्ट्रिकल वायर्स सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा, जहां वॉल्यूम में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 11.4% बढ़कर ₹164 करोड़ हो गया। लेकिन, इन शानदार टॉप-लाइन नंबर्स के पीछे छिपी हुई कहानी है मार्जिन पर पड़ा दबाव।
मेटल की कीमतें बनीं सिरदर्द, मार्जिन पर असर
EBITDA मार्जिन पिछले साल की Q3 में 11.6% था, जो इस तिमाही में घटकर 9.8% रह गया। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि मेटल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते उन्हें पांच बार सेलिंग प्राइस में इजाफा करना पड़ा, लगभग 12% तक। इसके बावजूद, महंगाई का पूरा असर मुनाफे पर पड़ने से रोका नहीं जा सका। जहां इलेक्ट्रिकल वायर्स सेगमेंट में कंपनी ने अच्छी वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की, वहीं कम्युनिकेशन केबल्स सेगमेंट में वॉल्यूम थोड़ा धीमा रहा।
पिछले नौ महीनों (9MFY26) के नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹4,369.9 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 18% की ग्रोथ के साथ ₹461.7 करोड़ रहा।
इसके अलावा, नए लेबर कोड के लागू होने के कारण कंपनी ने एम्प्लॉई बेनिफिट्स के लिए ₹6.01 करोड़ का प्रोविज़न भी दर्ज किया।
वैल्यूएशन में बड़ा अंतर, क्या संकेत?
बाजार में Finolex Cables के वैल्यूएशन पर एक बड़ा सवालिया निशान लगता है, खासकर जब इसकी तुलना इसके बड़े प्रतियोगियों Polycab India और KEI Industries से की जाती है। Finolex Cables का P/E रेश्यो लगभग 17.5-23x के आसपास है, जबकि Polycab India और KEI Industries जैसे दिग्गज 42-58x के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं। Polycab India, जो डोमेस्टिक वायर्स और केबल्स मार्केट में 26-27% की हिस्सेदारी के साथ लीडर है, उसने पिछले पांच सालों में Finolex Cables से बेहतर रेवेन्यू और नेट इनकम ग्रोथ दिखाई है।
ग्रोथ का बड़ा दांव, पर जोखिम भी?
भविष्य की बात करें तो, भारतीय वायर्स और केबल्स मार्केट के जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है। यह मार्केट 2029-2033 तक 4.5% से 6.20% के CAGR से बढ़ने का अनुमान है। इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, शहरीकरण और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में हो रहे भारी निवेश इस ग्रोथ को हवा देंगे। Finolex Cables इस सेक्टर की ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है, खासकर इलेक्ट्रिकल वायर्स सेगमेंट में 15% की वॉल्यूम ग्रोथ के साथ।
हालांकि, सेक्टर की ग्रोथ के साथ-साथ कमोडिटी की कीमतों का उतार-चढ़ाव एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। मेटल की लगातार बढ़ती कीमतें Finolex Cables के मार्जिन पर दबाव बनाए हुए हैं। कंपनी की प्राइसिंग पावर (कीमतें बढ़ाने की क्षमता) अभी भी कमोडिटी की महंगाई दर से पिछड़ रही है, जैसा कि Q3 के नतीजों से साफ है। बड़े प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कम वैल्यूएशन यह बताता है कि निवेशक कंपनी के मार्जिन रिस्क को लेकर थोड़ा चिंतित हैं।
एनालिस्ट्स का भरोसा बरकरार
इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट्स Finolex Cables के भविष्य को लेकर काफी पॉजिटिव दिख रहे हैं। आठ एनालिस्ट्स ने 'स्ट्रांग बाय' (Strong Buy) की रेटिंग दी है, और उनका मानना है कि अगले 12 महीनों में शेयर में 33-41% तक का अपसाइड देखने को मिल सकता है। एनालिस्ट्स कंपनी के मजबूत प्रॉफिट आउटलुक और फाइनेंशियली साउंड पोजीशन को खास ताकत मानते हैं। हालिया तिमाही के नतीजों ने कुछ एनालिस्ट्स की उम्मीद से कम गिरावट दिखाई है, जो कंपनी के लचीलेपन (resilience) को दर्शाता है।