Fiem Industries ने नए साल की शुरुआत दमदार नतीजों के साथ की है। कंपनी ने Q3 FY26 के लिए ₹685.81 करोड़ की कंसोलिडेटेड सेल्स रिपोर्ट की है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹590.1 करोड़ के मुकाबले 16.22% ज्यादा है। टॉप-लाइन ग्रोथ का असर बॉटम-लाइन पर भी साफ दिखा। इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) पिछले साल के मुकाबले 25.45% बढ़कर ₹97.7 करोड़ रही। कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार किया, जिसके चलते EBITDA मार्जिन 13.2% से बढ़कर 14.25% हो गया। सबसे अहम बात यह है कि नेट प्रॉफिट (PAT) में 33.83% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹63.45 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹47.41 करोड़ था।
अगर 9 महीने की अवधि (9M FY26) को देखें, तो भी ग्रोथ की कहानी जारी रही। सेल्स 15.54% बढ़कर ₹2,046.3 करोड़ रही, जबकि EBITDA 19.94% बढ़कर ₹284.16 करोड़ हुआ और मार्जिन 13.38% से सुधरकर 13.89% हो गया। इसी तरह, 9 महीनों का PAT 25.16% बढ़कर ₹183.29 करोड़ रहा।
कंपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए सक्रिय रूप से निवेश कर रही है। Q3 FY26 में ₹41.02 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया गया, जिससे 9 महीनों का कुल Capex ₹78.83 करोड़ हो गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए Capex का लक्ष्य ₹100 करोड़ रखा गया है, और अगले दो सालों में ₹200 करोड़ खर्च करने की योजना है ताकि जारी प्रोजेक्ट्स और 4-व्हीलर बिजनेस के विस्तार को गति दी जा सके। 31 दिसंबर, 2025 तक, Fiem Industries के पास ₹222 करोड़ का कैश और कैश इक्विवेलेंट्स था, जो एक मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
मैनेजमेंट कंपनी के भविष्य को लेकर काफी आश्वस्त है और अगले 12-24 महीनों में 15-20% रेवेन्यू ग्रोथ का अपना गाइडेंस दोहराया है। Fiem का एक बड़ा फोकस 4-व्हीलर सेगमेंट में विस्तार करना है। कंपनी पहले से ही Mahindra & Mahindra जैसे बड़े ऑटो प्लेयर्स को कंपोनेंट्स सप्लाई कर रही है और Bolero व Scorpio जैसे मॉडल्स के लिए पार्ट्स डेवलप कर रही है।
सबसे बड़ी खबर यह है कि Fiem Industries का प्लांट Mercedes-Benz के लिए छोटे लैंप (small lamps) बनाने वाले संभावित ग्लोबल सप्लायर के तौर पर अप्रूव हो गया है। अगले फाइनेंशियल ईयर में इससे जुड़े RFQs (Request for Quotations) मिलने की उम्मीद है। हालाँकि, इस तरह के बड़े क्लाइंट्स के लिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट में 18-24 महीने लग सकते हैं, लेकिन यह ग्लोबल सप्लाई चेन में शामिल होने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अपनी तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करते हुए, Fiem ने एक EMC/EMI लैबोरेटरी शुरू की है, जिससे प्रोडक्ट वैलिडेशन की प्रक्रियाएं बेहतर होंगी। कंपनी अपने लाइटिंग सिस्टम्स में इलेक्ट्रॉनिक कंटेंट बढ़ा रही है, जिससे प्रति-वाहन वैल्यू 30-80% तक बढ़ सकती है। लेजर सिस्टम और एडेप्टिव ड्राइव बीम जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज पर भी काम चल रहा है। इसके अलावा, Fiem ग्रीन एनर्जी पर भी जोर दे रही है, जिसमें सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, ताकि लागत कम की जा सके और एफिशिएंसी बढ़ाई जा सके।
इस तिमाही में नए EMC और EMI लैब में ट्रायल शुरू होना, Force Motors से मिले ऑर्डर्स पर काम शुरू होना, और TVS-Norton लाइटिंग सिस्टम की सप्लाई अगले 3 महीनों में यूके और इंडिया के लिए मास प्रोडक्शन के साथ शुरू होना जैसी कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। ऑटोमोटिव सेक्टर के आउटलुक को लेकर मैनेजमेंट काफी आशावादी है, जिसका आधार मजबूत भारतीय अर्थव्यवस्था और स्थिर नीतिगत माहौल है।