Exicom Tele-Systems: ₹1000 Cr के टारगेट पर दांव, EV ग्रोथ से आस, लेकिन ये Risky Challenges हैं बड़ी चुनौती!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Exicom Tele-Systems: ₹1000 Cr के टारगेट पर दांव, EV ग्रोथ से आस, लेकिन ये Risky Challenges हैं बड़ी चुनौती!
Overview

Exicom Tele-Systems ने अगले दो सालों में यानी FY26 तक **₹1,000 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग事業 (business) में ज़बरदस्त ग्रोथ और प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने पर दांव लगा रही है।

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रेवेन्यू टारगेट को EV ग्रोथ से बल

Exicom Tele-Systems ने FY26 तक लगभग ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसका मुख्य ज़ोर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग事業 (business) में अपेक्षित ग्रोथ पर है। यह लक्ष्य कंपनी के उन निवेशों पर आधारित है जो भारत के तेज़ी से बदलते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भुनाने के लिए किए गए हैं। हालाँकि, FY25 में ग्लोबल EV मार्केट की धीमी गति के कारण रेवेन्यू में मामूली गिरावट आई थी। इस महत्वाकांक्षी रेवेन्यू लक्ष्य को हासिल करने और मार्केट शेयर बढ़ाने में कंपनी की बढ़ी हुई मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं अहम भूमिका निभाएंगी।

चार्जर्स के लिए प्रोडक्शन में तेज़ी

FY26 तक ₹1,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को हासिल करने के लिए, Exicom ने हैदराबाद में ₹216 करोड़ का निवेश करके एक नया इंटीग्रेटेड प्लांट लगाया है। इस विस्तार से प्रोडक्शन कैपेसिटी में भारी इज़ाफ़ा हुआ है, जिससे AC चार्जर का सालाना आउटपुट 70,000 यूनिट से बढ़कर लगभग 200,000 यूनिट हो गया है। DC चार्जर का प्रोडक्शन भी बढ़कर 4,000 यूनिट प्रति वर्ष तक पहुंचने की उम्मीद है। यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब भारत का EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है, जिसके 2024 में अनुमानित USD 1.2 billion से बढ़कर 2032 तक USD 10 billion से अधिक होने का अनुमान है, जो 31% से अधिक के CAGR से बढ़ेगा। वहीं, कंपनी के क्रिटिकल पावर事業 (division), जो टेलीकॉम सेक्टर को सप्लाई करता है और वर्तमान में इसके लगभग दो-तिहाई रेवेन्यू का योगदान देता है, से सालाना 8-10% की मामूली ग्रोथ का अनुमान है।

मार्केट पोजीशन और मुख्य प्रतिद्वंद्वी

Exicom दो मुख्य क्षेत्रों में काम करती है: EV चार्जिंग और क्रिटिकल पावर सॉल्यूशंस। EV चार्जिंग मार्केट में, Exicom की 2023 की शुरुआत तक घरेलू मार्केट में अच्छी हिस्सेदारी थी, खासकर रेजिडेंशियल चार्जिंग (60%) में अग्रणी और पब्लिक चार्जिंग (25%) में मजबूत स्थिति के साथ। इसके क्रिटिकल पावर事業 (division) ने DC पावर सिस्टम में 16% और टेलीकॉम Li-ion बैट्रीज़ में लगभग 10% की हिस्सेदारी हासिल की है। Exicom की रणनीति में वर्टिकली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और हाई-पावर DC चार्जर्स पर फोकस शामिल है। कंपनी Tata Power, ChargeZone और Servotech Power Systems जैसे बड़े प्लेयर्स से प्रतिस्पर्धा करती है। अपने रेवेन्यू के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के बावजूद, Exicom का मार्केट कैपिटलाइजेशन NTPC जैसे दिग्गजों की तुलना में इसे एक छोटी कंपनी के रूप में स्थापित करता है। बढ़ते भारतीय EV चार्जिंग मार्केट में मुख्य रूप से DC फास्ट चार्जर की मांग है, जिस पर Exicom का लक्ष्य है।

फाइनेंशियल दबाव और Valuation

अपने ग्रोथ प्लान के बावजूद, Exicom कई गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी लगातार घाटे में चल रही है, जिसमें निगेटिव अर्निंग्स पर शेयर (EPS) और सितंबर 2025 को समाप्त होने वाले बारह महीनों के लिए P/E रेश्यो शामिल है। कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त होने वाली चौथी तिमाही तक लगातार घाटा दर्ज किया है। कंसोलिडेटेड EBITDA भी दबाव में है, जिसने Q2 FY26 में ₹32.7 करोड़ का घाटा दिखाया है। ये वित्तीय नतीजे इसके मार्केट Valuation के विपरीत हैं; स्टॉक पिछले साल में 37% से अधिक गिर चुका है। एनालिस्ट कवरेज सीमित है, जिससे मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। हाल ही में अमेरिकी कंपनी Tritium के अधिग्रहण से, जिसका मकसद ग्लोबल पहुंच बढ़ाना है, नज़दीकी अवधि में वित्तीय दबाव बढ़ा है, और Tritium से Q4 FY27 तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करने की उम्मीद नहीं है। Exicom का FY24 में एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA रेश्यो 31 गुना था, जो इसकी वर्तमान कमाई की तुलना में एक महत्वपूर्ण Valuation प्रीमियम दर्शाता है।

भविष्य का दृष्टिकोण और रणनीति

मैनेजमेंट FY26 से भविष्य की ग्रोथ को लेकर आश्वस्त है, जिसे ₹1,400 करोड़ के एक बड़े स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक का समर्थन प्राप्त है। क्रिटिकल पावर事業 (segment) में भारतनेट (BharatNet) और DC पावर सिस्टम की मांग से गति बनाए रखने की उम्मीद है। हालाँकि कंसोलिडेटेड नतीजे Tritium के टर्नअराउंड प्रयासों से प्रभावित हो रहे हैं, Exicom अपनी स्टैंडअलोन परफॉरमेंस और स्ट्रेटेजिक विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। अपने रेवेन्यू लक्ष्यों को प्राप्त करना Exicom की क्षमता पर निर्भर करेगा कि वह बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को लगातार, लाभदायक ग्रोथ में बदल सके, खासकर कड़े कॉम्पिटिशन और बदलते मार्केट माहौल में।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.