कैसे मिलेगा कंपनी को फायदा?
Evonith Steel ने यह ₹2,000 करोड़ की फंडिंग नए डेट (debt) और नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाई है। इस रकम का बड़ा हिस्सा, यानी ₹1,750 करोड़, मौजूदा कर्ज को चुकाने (refinancing) और कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को मजबूत करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
बाकी बचे ₹250 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपने जारी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के लिए करेगी। इसमें महाराष्ट्र में 0.3 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की क्षमता वाला डक्टाइल आयरन (DI) पाइप्स प्लांट शामिल है। साथ ही, कंपनी अपने कोटेड स्टील प्रोडक्शन को 0.3 MTPA से बढ़ाकर 0.6 MTPA करने की योजना बना रही है, जिसमें बेयर गैल्वाल्यूम/जिंक-एल्युमिनियम-मैग्नीशियम और कलर कोटेड लाइन्स लगाई जाएंगी।
Evonith Steel 0.5 MTPA क्षमता वाले बिलेट कास्टर की स्थापना के साथ हाई-क्वालिटी लॉन्ग प्रोडक्ट्स के बाजार में भी उतर रही है। कंपनी के चेयरमैन जय सराफ (Jai Saraf) ने कहा कि कर्ज की लागत कम करके और डेट की मैच्योरिटी डेट को आगे बढ़ाकर, कंपनी ऑपरेशनल एक्सीलेंस और भविष्य के विस्तार में निवेश के लिए बेहतर स्थिति में है।
इससे पहले, Evonith Steel ने अपने आयरन और स्टील बनाने की क्षमता को 0.6 MTPA से बढ़ाकर 1.4 MTPA करने के लिए करीब ₹1,500 करोड़ का निवेश किया था।
