Eveready का ₹200 करोड़ का जम्मू प्लांट: अल्कलाइन बैटरी में दबदबा बनाने की तैयारी
Eveready Industries India Ltd. ने जम्मू में अपना नया, अत्याधुनिक ₹200 करोड़ का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर दिया है। इस प्लांट का मुख्य उद्देश्य कंपनी को भारत में अल्कलाइन बैटरी मार्केट में एक मजबूत स्थिति दिलाना और देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। कंपनी की योजना है कि इस प्लांट के जरिए आयात पर निर्भरता कम की जाए और सप्लाई चेन को और मजबूत बनाया जाए। इस फैसिलिटी की सालाना 456 मिलियन बैटरी बनाने की क्षमता है, और पीक प्रोडक्शन के तहत यह एक साल में 360 मिलियन यूनिट्स का उत्पादन कर सकती है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह प्लांट भारत में अपनी तरह का अनूठा है और यह पावर-गहन (power-hungry) डिवाइसेज की बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुनाफे पर लागतों का दबाव, सेल्स में दिखी बढ़ोतरी
एक तरफ जहां कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके वित्तीय नतीजों में कुछ चिंताजनक रुझान भी देखे जा रहे हैं। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए Eveready की स्टैंडअलोन नेट सेल्स ₹366.97 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10.11% अधिक है। हालांकि, इसी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 43.6% की भारी गिरावट के साथ घटकर महज ₹7.36 करोड़ रह गया। इसका प्रमुख कारण परिचालन लागतों (operational costs) में आई अप्रत्याशित बढ़ोतरी बताई जा रही है।
मार्केट शेयर, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राह
Eveready का भारतीय अल्कलाइन बैटरी सेगमेंट में करीब 20% मार्केट शेयर है, वहीं ड्राई सेल बैटरी सेगमेंट में यह 52% से अधिक की हिस्सेदारी रखती है। यह नया प्लांट कंपनी को Duracell और Indo National (Nippo) जैसी कंपनियों के मुकाबले एक मजबूत स्थिति देगा। वहीं, Exide Industries (मार्केट कैप करीब ₹15,400 करोड़) और Amara Raja Batteries (मार्केट कैप करीब ₹13,400 करोड़) जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से बाजार में मौजूद हैं।
अगले कुछ सालों में भारतीय कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और पावर सॉल्यूशंस मार्केट के 6.8% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है। Eveready इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए नॉन-कोर एसेट्स बेच रही है और नवंबर 2025 में Ultima Lithium जैसी नई प्रीमियम प्रोडक्ट्स भी लॉन्च कर चुकी है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बिक्री और लागत नियंत्रण से कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ सुधरेगी। हालांकि, बढ़ती परिचालन लागतों को मैनेज करना और नए प्लांट की पूरी क्षमता का प्रभावी ढंग से उपयोग करना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। कंपनी के शेयर अप्रैल 2026 में ₹321 के आसपास ट्रेड कर रहे थे, और कुछ एनालिस्ट्स ₹306-₹329 का टारगेट दे रहे हैं, जबकि कुछ ₹445.74 तक की तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
