असाधारण लाभ से चमके Eveready के नतीजे
Eveready Industries India Ltd. ने FY26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने सिर्फ ₹10.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था, जो इस बार बढ़कर ₹141.8 करोड़ हो गया है। इस बड़े जम्प में ₹102.7 करोड़ के असाधारण लाभ का बड़ा हाथ है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 की बात करें तो नेट प्रॉफिट ₹171.5 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹82.4 करोड़ से काफी बेहतर है। पूरे साल के नतीजों में भी ₹48.6 करोड़ का असाधारण लाभ शामिल है।
बैटरी और लाइटिंग सेगमेंट में दमदार प्रदर्शन
कंपनी का रेवेन्यू भी 9.4% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹327.2 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹299.0 करोड़ था। इस ग्रोथ की मुख्य वजह अल्कलाइन बैटरी सेल्स में 82% की भारी वृद्धि और लाइटिंग सेगमेंट में 17% की तेजी रही। Eveready ने बताया कि ड्राई सेल बैटरी में कंपनी की मार्केट में हिस्सेदारी 52% से ज्यादा है, जबकि अल्कलाइन सेगमेंट में यह 20% के करीब पहुंच गई है। हालांकि इनपुट कॉस्ट बढ़ने के बावजूद, EBITDA ₹25.9 करोड़ से बढ़कर ₹28.7 करोड़ हो गया, और EBITDA मार्जिन करीब 9% पर स्थिर रहा।
जम्मू में नया प्लांट देगा प्रीमियम मार्केट में मजबूती
Eveready ने जम्मू में ₹200 करोड़ का नया अल्कलाइन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी शुरू कर दिया है। यह कंपनी का पिछले एक दशक में पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग विस्तार है। इस प्लांट की सालाना 45.6 करोड़ अल्कलाइन बैटरी बनाने की क्षमता है। कंपनी का लक्ष्य इस प्लांट के जरिए प्रीमियम अल्कलाइन बैटरी मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाना, घरेलू मांग को पूरा करना और यूरोप व अमेरिका के लिए 'व्हाइट-लेबल' मैन्युफैक्चरिंग के जरिए एक्सपोर्ट बढ़ाना है। यह प्लांट प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत सपोर्टेड है, जिसका मकसद इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना और मार्जिन को बेहतर बनाना है।
मार्केट वैल्यूएशन और फ्यूचर आउटलुक
Eveready Industries India Ltd. का मार्केट कैप लगभग ₹2,375 करोड़ है। TTM P/E रेशियो करीब 58.76 है, जो इंडस्ट्री एवरेज 44.4 से थोड़ा ज्यादा है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में शेयर की कीमत ₹445.74 तक जा सकती है। कंपनी के मुख्य कंपटीटर्स Indo National (Nippo), Panasonic Energy India और Duracell हैं।
लॉन्ग-टर्म चुनौतियां और CEO का भरोसा
हाल के नतीजों के बावजूद, कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस पर कुछ चिंताएं भी हैं। पिछले पांच सालों में कंपनी के रेवेन्यू में -1.06% का CAGR देखने को मिला है, जबकि इंडस्ट्री का एवरेज 7.42% रहा है। इसी तरह, नेट इनकम में -14.29% की सालाना गिरावट आई है, जबकि इंडस्ट्री 6.43% बढ़ी है। मार्केट में लिथियम-आयन टेक्नोलॉजी का बढ़ता चलन भी पारंपरिक बैटरी निर्माताओं के लिए एक चुनौती है। हालांकि, Eveready के CEO, Anirban Banerjee, कंपनी के भविष्य को लेकर काफी आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि नए इन्वेस्टमेंट और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो कंपनी को FY27 में बेहतर ग्रोथ के लिए तैयार करते हैं। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड भी रेकमेंड किया है। भारतीय बैटरी मार्केट के 2031 तक USD 23 बिलियन से ज्यादा होने का अनुमान है।
