प्रीमियम बैटरी पर Eveready का फोकस
Eveready Industries ने जम्मू में ₹200 करोड़ के अपने नए अल्कालाइन बैटरी प्लांट का इनॉगरेशन किया है। यह प्लांट कंपनी की प्रीमियम उत्पादों की रेंज को मजबूत करने और अल्कालाइन बैटरी के बढ़ते बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की एक बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। इस फैसिलिटी को SAARC रीजन में इस तरह का पहला प्लांट बताया जा रहा है, जो इम्पोर्ट को कम करके कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
प्रॉफिट में 10% तक की बढ़ोतरी का अनुमान
कंपनी के एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि जम्मू प्लांट से प्रोडक्शन को डोमेस्टिक लेवल पर शिफ्ट करने से प्रॉफिट मार्जिन में कम से कम 10% का सुधार आएगा। यह कदम Eveready की हाई-वैल्यू सेगमेंट में जाने की स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। यह प्लांट प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव (PLI) स्कीम का भी लाभ उठाएगा और इसकी सालाना मैक्सिमम कैपेसिटी 360 मिलियन अल्कालाइन बैटरी, 7 मिलियन फ्लैशलाइट और 6 मिलियन LED लाइट बनाने की होगी।
अल्कालाइन बैटरी की बढ़ती मांग
फिलहाल, Eveready कार्बन जिंक बैटरी मार्केट में 52% हिस्सेदारी के साथ लीडिंग पोजीशन पर है, लेकिन अल्कालाइन बैटरी सेगमेंट सालाना 20% की दर से तेजी से बढ़ रहा है, जबकि कार्बन जिंक मार्केट लगभग स्थिर है। अपने 'Ultima' ब्रांड को री-लॉन्च करने के बाद, Eveready की अल्कालाइन बैटरी में हिस्सेदारी 2% से बढ़कर 15% हो गई है। नया प्लांट कंपनी को इस ग्रोइंग कैटेगरी में 20% मार्केट शेयर का टारगेट हासिल करने में मदद करेगा।
ग्लोबल एक्सपोर्ट की भी तैयारी
यह प्लांट सिर्फ डोमेस्टिक डिमांड पूरी करने के लिए ही नहीं, बल्कि उन कॉम्पिटिटर्स को भी सप्लाई करने के लिए तैयार है जो अभी भी इम्पोर्ट पर निर्भर हैं। Eveready अब यूरोप, अमेरिका और वेस्ट एशिया जैसे एक्सपोर्ट मार्केट्स में व्हाइट-लेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी मौके तलाश रही है। यह प्रोजेक्ट बर्मन फैमिली के लीडरशिप में पिछले दस सालों में Eveready का पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग एक्सपेंशन है, जो कंपनी के नए फेज की शुरुआत का संकेत देता है।
