Eveready का बड़ा दांव! जम्मू में खुला India का पहला Alkaline Battery प्लांट, 25% मार्केट शेयर का लक्ष्य

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Eveready का बड़ा दांव! जम्मू में खुला India का पहला Alkaline Battery प्लांट, 25% मार्केट शेयर का लक्ष्य
Overview

Eveready Industries ने **₹200 करोड़** के भारी-भरकम निवेश के साथ जम्मू में भारत का पहला Alkaline Battery मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लॉन्च कर दिया है। इस कदम से कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में अपना मार्केट शेयर **16%** से बढ़ाकर **25%** तक पहुंचाना है।

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Eveready Industries अब भारत में अल्कलाइन बैटरी (Alkaline Battery) बनाने वाली इकलौती डोमेस्टिक कंपनी बन गई है। कंपनी ने जम्मू में अपना नया ₹200 करोड़ का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट खोला है, जो सालाना 360 मिलियन बैटरी बनाने की क्षमता रखता है।

यह कदम भारतीय बैटरी मार्केट में आ रहे बड़े बदलाव को भुनाने के लिए उठाया गया है। जहाँ ड्राई सेल मार्केट सालाना 2-3% की दर से बढ़ रहा है, वहीं अल्कलाइन बैटरी सेगमेंट की ग्रोथ 20% से भी ऊपर है। Eveready इस मौके का फायदा उठाकर अपने अल्कलाइन बैटरी मार्केट शेयर को मौजूदा 16% से बढ़ाकर अगले तीन साल में 25% करने की योजना बना रही है।

भारत में अल्कलाइन बैटरियों के उत्पादन से Eveready की इम्पोर्टेड फिनिश्ड प्रोडक्ट्स पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी, हालांकि कुछ रॉ मैटेरियल्स का इम्पोर्ट जारी रहेगा। माना जा रहा है कि इस लोकल प्रोडक्शन से अल्कलाइन बैटरी सेगमेंट में कंपनी के मार्जिन में करीब 10% का सुधार आएगा।

बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय ग्राहक पारंपरिक कार्बन-जिंक बैटरी से हटकर ज़्यादा पावरफुल अल्कलाइन बैटरी की ओर बढ़ रहे हैं। Eveready के CEO अनिरबन बनर्जी (Anirban Banerjee) के मुताबिक, अगले दो-तीन सालों में कार्बन-जिंक और अल्कलाइन बैटरी का मार्केट मिक्स 85-15 से बदलकर 80-20 हो सकता है। यह बदलाव हाई-ड्रेन डिवाइस जैसे वायरलेस कंट्रोलर और डिजिटल कैमरों की बढ़ती मांग के कारण हो रहा है।

हालांकि, Eveready को रॉ मैटेरियल्स की बढ़ती कीमतों का सामना भी करना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते लिथियम, निकेल, कोबाल्ट और सल्फर जैसे मैटेरियल्स की सप्लाई पर असर पड़ा है। इन बढ़ती लागतों को मैनेज करने के लिए कंपनी ने अपने कार्बन-जिंक बैटरी के दाम बढ़ा दिए हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, Eveready के फाइनेंसियल परफॉरमेंस में सुधार दिखा है। फाइनेंशियल ईयर 2024 (FY24) में कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 231% बढ़कर ₹66.7 करोड़ रहा, वहीं फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में यह ₹82.38 करोड़ दर्ज किया गया।

Eveready का मुकाबला Duracell, Indo National (Nippo) और Panasonic Energy India जैसी कंपनियों से है। कंपनी अपने नए प्लांट और Ultima रेंज पर फोकस करके इस सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। भारतीय अल्कलाइन बैटरी मार्केट के 2025 तक $0.92 बिलियन से बढ़कर 2031 तक $1.31 बिलियन होने का अनुमान है। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम जैसी पहलें भी लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा दे सकती हैं।

इसके साथ ही, Eveready के सामने कुछ जोखिम भी हैं। कड़ा मुकाबला, खासकर प्राइस वॉर की संभावना, मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। नए प्लांट को पूरी तरह से ऑपरेट करना और मार्केट शेयर के लक्ष्य हासिल करना भी एक चुनौती होगी। रॉ मैटेरियल्स के लिए इम्पोर्ट पर निर्भरता कंपनी को सप्लाई चेन और करेंसी में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाए रखेगी।

कंपनी का स्टॉक 22 अप्रैल 2026 को ₹342.10 पर बंद हुआ, जो 8.29% की बढ़ोतरी दिखाता है। पिछले दो हफ्तों में स्टॉक में 8.25% का इजाफा हुआ है। एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है, कुछ ₹306-₹310 के स्तर पर 'BUY' की सलाह दे रहे हैं, जबकि अन्य बड़े लक्ष्य बता रहे हैं। अगले तीन सालों में कंपनी के रेवेन्यू में सालाना करीब 10% की ग्रोथ की उम्मीद है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.