Essar Ports: गुजरात में मिली बड़ी कामयाबी, टूना टेकरा में **30 साल** के लिए मिला कार्गो टर्मिनल का ठेका

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AuthorAditya Rao|Published at:
Essar Ports: गुजरात में मिली बड़ी कामयाबी, टूना टेकरा में **30 साल** के लिए मिला कार्गो टर्मिनल का ठेका

Essar Ports ने Deendayal Port Authority के साथ एक बड़ा करार किया है। कंपनी गुजरात के टूना टेकरा (Tuna Tekra) में एक मल्टी-पर्पज कार्गो टर्मिनल बनाएगी और उसे **30 साल** तक ऑपरेट करेगी।

Essar Ports Ltd ने गुजरात के कांडला स्थित Deendayal Port कॉम्प्लेक्स में एक नए मल्टी-पर्पज कार्गो टर्मिनल को विकसित करने का आधिकारिक ठेका हासिल कर लिया है। यह डील 30 साल के 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOT) मॉडल के तहत हुई है। इस व्यवस्था में, कंपनी टर्मिनल का विकास और संचालन करेगी, जबकि संपत्ति का मालिकाना हक पोर्ट अथॉरिटी के पास ही रहेगा।

डील की शर्तें

यह प्रोजेक्ट एक प्रतिस्पर्धी ग्लोबल बिडिंग प्रक्रिया के जरिए Essar Ports को मिला है। फाइनेंशियल एग्रीमेंट के तहत, कंपनी को हैंडल किए गए प्रति टन कार्गो पर ₹61 की रॉयल्टी चुकानी होगी। यह भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काफी कॉमन मॉडल है, जहां प्राइवेट कंपनियां कैपिटल निवेश करती हैं और सरकारी अथॉरिटी को वॉल्यूम के आधार पर शुल्क देती हैं।

प्रोजेक्ट का महत्व

यह नया टर्मिनल टूना टेकरा (Tuna Tekra) के पूर्वी हिस्से में बनेगा, जो कि DP World द्वारा विकसित किए जा रहे मेगा कंटेनर टर्मिनल के बगल में स्थित है। इस टर्मिनल के आने से लॉजिस्टिक्स की बाधाएं कम होंगी और कांडला पोर्ट की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। यह कदम देश के मैरीटाइम हब के जरिए माल की आवाजाही को और तेज करेगा।

निवेशकों के लिए अहम बातें

सेक्टर एनालिस्ट इस प्रोजेक्ट पर बारीक नजर रख रहे हैं क्योंकि इसका मुनाफा सीधे तौर पर इंटरनेशनल ट्रेड और इकोनॉमी की सेहत पर निर्भर करता है। एक्सपोर्ट-इंपोर्ट की धीमी रफ्तार टर्मिनल के यूटिलाइजेशन और कैश फ्लो पर असर डाल सकती है। अब निवेशकों की नजर इस प्रोजेक्ट के फाइनेंसिंग, सरकारी अनुमति और काम शुरू होने की समय-सीमा पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.