Escorts Kubota ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) का अंत भले ही दमदार सालाना नतीजों के साथ किया हो, लेकिन चौथी तिमाही (Q4 FY26) के आंकड़े कुछ चिंताएं पैदा करते हैं। जहाँ पूरे साल कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹2,394.05 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,264.95 करोड़ से काफी अधिक है, वहीं चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट (Net Profit) में मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹320.52 करोड़ पर ही रुका, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹318.42 करोड़ के मुकाबले बहुत कम है।
सालाना मजबूती पर तिमाही दबाव
कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पूरे फाइनेंशियल ईयर में ₹11,540.26 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल के ₹10,243.88 करोड़ से बढ़ा है। हालांकि, चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹2,968.16 करोड़ तक पहुंचने के बावजूद, कंपनी के कुल खर्चे (Total Expenses) ₹2,662.19 करोड़ पर पहुंच गए, जबकि पिछले साल यह ₹2,224.46 करोड़ थे। खर्चों में इस भारी बढ़ोतरी ने मुनाफे पर सीधा असर डाला और मार्जिन (Margins) पर दबाव बनाया।
ट्रैक्टर सेगमेंट की चमक
कंपनी के लिए ट्रैक्टर सेगमेंट (Tractor Segment) लगातार मजबूती का गढ़ बना हुआ है। चौथी तिमाही में ट्रैक्टर वॉल्यूम (Volume) 21.1% बढ़कर 32,257 यूनिट तक पहुंच गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर में भी ट्रैक्टर की बिक्री 15.7% बढ़कर 1,33,670 यूनिट रही। भारत में फार्म मैकेनाइजेशन (Farm Mechanization) को बढ़ावा, सरकारी प्रोत्साहन और बेहतर क्रॉप प्राइसिंग (Crop Pricing) किसानों की परचेजिंग पावर बढ़ा रही है। साथ ही, अप्रैल 2026 से लागू होने वाले सख्त TREM V एमिशन नॉर्म्स (Emission Norms) से पहले ग्राहकों द्वारा की जा रही एडवांस खरीदारी ने भी इस सेक्टर को सहारा दिया है।
कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट पर सुस्ती जारी
वहीं, दूसरी ओर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट (Construction Equipment Segment) कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। चौथी तिमाही में कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के वॉल्यूम (Volumes) मामूली बढ़कर 1,877 यूनिट हुए, जबकि पूरे फाइनेंशियल ईयर में यह 5,794 यूनिट पर आ गए, जो पिछले साल के 6,484 यूनिट से कम हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय में है जब भारतीय कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मार्केट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (Infrastructure Development) के चलते 2026 से 2031 तक 8.05% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। ऐसे में Escorts Kubota का यह सेगमेंट पिछड़ता दिख रहा है, जबकि इसके मुकाबले टाटा हिताची (Tata Hitachi) जैसी कंपनियां अच्छी ग्रोथ दिखा रही हैं।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
फिलहाल, Escorts Kubota का शेयर करीब 25-28x के P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके कॉम्पटीटर महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) के 21.6-22.2x P/E रेश्यो से थोड़ा ज्यादा है। एनालिस्ट्स (Analysts) की राय इस पर मिली-जुली है। कंसेंसस रेटिंग (Consensus Rating) 'होल्ड' या 'न्यूट्रल' के आसपास है, और 12 महीने के टारगेट प्राइस (Target Price) में ₹3,500-₹3,700 की रेंज का सुझाव दिया गया है, जो कुछ एनालिस्ट्स के अनुसार सीमित अपसाइड पोटेंशियल (Upside Potential) दर्शाता है। कुछ एनालिस्ट्स ने टारगेट बढ़ाए भी हैं, लेकिन कुछ ने कम भी किए हैं।
आगे की राह
कंपनी के लिए आगे की राह बढ़ते खर्चों को कंट्रोल करने और ट्रैक्टर सेगमेंट की मजबूती का फायदा उठाने पर निर्भर करेगी। कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट में सुस्ती और मार्जिन पर दबाव कंपनी के लिए चिंता का विषय बने रहेंगे। मार्केट अब मैनेजमेंट की ओर से इन चुनौतियों से निपटने और लगातार प्रॉफिट ग्रोथ बनाए रखने की रणनीति का इंतजार करेगा। पिछले एक साल में शेयर में -4.15% की गिरावट भी देखी गई है।
