Escorts Kubota Share Price: दमदार नतीजों से मचा धमाल! Profit **38%** बढ़ा, **₹1600** करोड़ की डील फाइनल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Escorts Kubota Share Price: दमदार नतीजों से मचा धमाल! Profit **38%** बढ़ा, **₹1600** करोड़ की डील फाइनल
Overview

Escorts Kubota ने Q3 FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं! कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर **38.3%** उछलकर **₹401.6 करोड़** पर पहुंच गया, जबकि रेवेन्यू में **11.1%** की बढ़त के साथ **₹3,261.4 करोड़** दर्ज किया गया। इस दमदार परफॉरमेंस के बीच, कंपनी ने **₹1,600 करोड़** में अपनी रेलवे इक्विपमेंट बिजनेस (RED) यूनिट की बिक्री भी पूरी कर ली है।

Escorts Kubota Limited ने इस तिमाही (Q3 FY26) में अपने फाइनेंशियल नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी का स्टैंडअलोन EBITDA 30.9% बढ़कर ₹438.7 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन 203 बीपीएस की मजबूती के साथ 13.5% दर्ज किया गया। सबसे खास बात यह है कि स्टैंडअलोन एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 38.3% की जोरदार तेजी आई, जो ₹401.6 करोड़ रहा। रिपोर्टेड PAT भी 12.1% बढ़कर ₹362.4 करोड़ रहा। प्रति शेयर आय (EPS) में भी 24.7% की वृद्धि देखी गई, जो ₹32.93 रही।

सिर्फ इस तिमाही ही नहीं, बल्कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों (9M FY26) के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 9.9% की बढ़त के साथ ₹8,522.1 करोड़ दर्ज हुआ। इसी अवधि में एडजस्टेड PAT भी 34.1% सालाना आधार पर बढ़ा है। कंपनी ने कॉस्ट कटिंग पर भी ज़ोर दिया, जिसके चलते मटेरियल कॉस्ट रेवेन्यू के मुकाबले कम रही। इस एफिशिएंट मैनेजमेंट का नतीजा है कि स्टैंडअलोन ऑपरेशंस का ROCE (Return on Capital Employed) सालाना आधार पर लगभग 75% रहा, और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट ने तो 200.2% का शानदार ROCE हासिल किया। वहीं, ROE (Return on Equity) भी लगभग 60% के आसपास रहा।

इस शानदार नतीजों के दौर में कंपनी ने दो बड़े कॉर्पोरेट मूव्स भी किए हैं। सबसे पहले, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इसकी सब्सिडियरीज के मर्जर (विलय) को मंजूरी दे दी है। दूसरा और अहम कदम, कंपनी ने ₹1,600 करोड़ में अपनी रेलवे इक्विपमेंट बिजनेस (RED) यूनिट को Sona BLW Precision Forgings Limited (Sona Comstar) को सफलतापूर्वक बेच दिया है। इस बिजनेस को अब डिसकंटीन्यूड ऑपरेशंस के तहत दिखाया गया है।

भविष्य की बात करें तो, कंपनी का एग्री मशीनरी सेगमेंट, खासकर ट्रैक्टर एक्सपोर्ट, ग्रोथ का मुख्य इंजन बना हुआ है। हालांकि, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (CE) सेगमेंट में इस तिमाही वॉल्यूम में 13.7% की सालाना गिरावट आई है, पर पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें रिकवरी दिखी है। एक्सपोर्ट की गति बनाए रखना और CE सेगमेंट को फिर से पटरी पर लाना कंपनी के लिए आगे की बड़ी चुनौती और फोकस एरिया होंगे। कंपनी नियामक बदलावों और आर्थिक विकास से जुड़े सामान्य जोखिमों को भी ध्यान में रख रही है।

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