घरेलू बाजार में पिछड़ी, एक्सपोर्ट में तूफानी तेजी
Escorts Kubota को भारत में अपने ट्रैक्टर मार्केट शेयर में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। इस फाइनेंशियल ईयर (FY26) के पहले दस महीनों में कंपनी का मार्केट शेयर 10.8% पर आ गया है, जो कि FY22 में 12.9% था। इस दौरान डोमेस्टिक ट्रैक्टर सेल्स में 11% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह इंडस्ट्री की 20% की ग्रोथ से काफी कम है। दूसरी ओर, कंपनी के एक्सपोर्ट्स ने शानदार प्रदर्शन किया है, जो 54% बढ़कर 4,863 यूनिट्स पर पहुँच गए। यह इंडस्ट्री के एक्सपोर्ट ग्रोथ 8.7% से काफी ज्यादा है। कंपनी का शेयर भाव फरवरी 2026 के अंत में लगभग ₹3,417-₹3,596 के दायरे में बना हुआ था।
मुकाबला कड़ा, कॉम्पिटिटर्स आगे
भारतीय ट्रैक्टर मार्केट में Mahindra & Mahindra का दबदबा है, जिनका मार्केट शेयर सितंबर 2025 में करीब 44.43% था और सेल्स में 50.33% की बढ़ोतरी हुई। TAFE दूसरे नंबर पर 18.83% मार्केट शेयर के साथ 53.08% ग्रोथ दिखा रहा है। Sonalika भी 14.92% मार्केट शेयर और 37.66% ग्रोथ के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। इनकी तुलना में, Escorts Kubota का मार्केट शेयर 10.8% के आसपास है, जो साफ दिखाता है कि कंपनी अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों से पिछड़ रही है। Mahindra & Mahindra का P/E रेश्यो लगभग 26-28 है, जबकि Escorts Kubota का P/E रेश्यो 16 से 30 के बीच है।
Kubota ब्रांड की चुनौतियाँ
कंपनी के मैनेजमेंट ने माना है कि Kubota ब्रांड को मार्केट में कुछ खास सफलता नहीं मिली है। इसकी मुख्य वजह सिर्फ दो मॉडल्स का पोर्टफोलियो और आयातित पार्ट्स (खासकर इंजन) पर ज्यादा निर्भरता है। इससे इनकी लागत बढ़ जाती है और ये कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग नहीं कर पाते। यह ब्रांड मार्केट के सिर्फ 40-50% हिस्से को कवर कर पाता है, खासकर दक्षिण और पश्चिम भारत में, जबकि उत्तर और मध्य भारत में इनकी मौजूदगी न के बराबर है। अब कंपनी इस पर काम कर रही है, नए मॉडल्स लॉन्च कर रही है और Kubota ब्रांड के तहत पूरी तरह से लोकल इंडियन प्लेटफॉर्म बनाने की कोशिश कर रही है।
सेक्टर में तेजी की उम्मीद
कुल मिलाकर, भारतीय कृषि क्षेत्र में FY26 में 3-3.5% की अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। ट्रैक्टर मार्केट भी 2024 से 2030 के बीच लगभग 9.3% की CAGR से बढ़ने का अनुमान है, और 2030 तक इसका बाजार 78 बिलियन डॉलर का हो सकता है। सरकारी स्कीमें, जैसे सब्सिडी और लोन, किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीदना आसान बना रही हैं। साथ ही, किसान डिजिटल तरीकों को तेजी से अपना रहे हैं, उम्मीद है कि 2026 तक 70% किसान डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करेंगे।
आगे की राह मुश्किल?
हालांकि, कंपनी के सामने बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। Escorts Kubota अभी तक डोमेस्टिक मार्केट शेयर में अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पाई है, जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ब्रांड की पुरानी दिक्कतें - सीमित मॉडल्स, इंपोर्ट पर निर्भरता और ज्यादा लागत - अभी भी बनी हुई हैं। एक्सपोर्ट की अच्छी ग्रोथ के बावजूद, यह डोमेस्टिक मार्केट की कमजोरी की भरपाई नहीं कर पा रही है। एनालिस्ट्स का भी नजरिया मिला-जुला है, 'न्यूट्रल' रेटिंग के साथ कुछ 'सेल' की सलाह भी दे रहे हैं। कंपनी का मैनेजमेंट खुद मानता है कि इस स्थिति से उबरने में उम्मीद से ज्यादा वक्त लगेगा। नए मॉडल्स और पूरी तरह से लोकल Kubota प्लेटफॉर्म की सफलता आगे चलकर अहम साबित होगी। एनालिस्ट्स ने Escorts Kubota के लिए औसतन ₹3,816 का टारगेट दिया है, जो अभी के भाव से करीब 7% की तेजी का संकेत है। मगर, कंपनी को अपने कड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ एक मुश्किल लड़ाई लड़नी होगी।