Esab India, जो वेल्डिंग और कटिंग इक्विपमेंट (Welding and Cutting Equipment) बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है, उसके शेयरों में 19 फरवरी को बड़े फंड हाउसों द्वारा की गई भारी मात्रा में खरीद-बिक्री ने बाजार में नई जटिलताएं पैदा कर दी हैं। ये सौदे ₹5,500 प्रति शेयर के भाव पर हुए, जो संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के बदलते नजरिए का संकेत देते हैं। हालांकि, ये सब तब हो रहा है जब एनालिस्ट्स (Analysts) की राय बंटी हुई है और कंपनी का वैल्यूएशन (Valuation) भी प्रीमियम (Premium) है।
फंड्स की खरीद-बिक्री, एक समान भाव
असल में, Nippon India Mutual Fund ने Esab India में 2.67% हिस्सेदारी, यानी 4.11 लाख शेयर, ₹226.1 करोड़ में खरीदे। वहीं, SBI Mutual Fund ने ठीक उतनी ही, यानी 2.67% हिस्सेदारी, ₹226.07 करोड़ में बेच दी। दोनों तरफ से ₹5,500 प्रति शेयर का भाव तय हुआ। इससे यह साफ है कि फंड मैनेजर्स (Fund Managers) भले ही कंपनी के भविष्य को लेकर अलग-अलग राय रखते हों, लेकिन वे मौजूदा वैल्यूएशन पर सहमत थे। पिछले दो दिनों से Esab India के शेयर लगभग सपाट कारोबार कर रहे हैं और अपने 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (200-day Exponential Moving Average) के आसपास अटके हुए हैं। यह पैटर्न अक्सर बड़े प्राइस मूव (Price Move) से पहले देखा जाता है। कंपनी के शेयर पिछले एक साल में ₹4,133.05 से ₹6,425.00 के बीच रहे हैं, और 18 फरवरी, 2026 तक लगभग ₹5,515 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
कंपनी की खूबियां और चिंताएं
Esab India भारत के मजबूत मशीनरी और इक्विपमेंट सेक्टर (Machinery and Equipment Sector) में काम करती है। इस सेक्टर में 2023 में मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन (Manufacturing Production) में 8.5% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो कि बाकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से बेहतर है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स (Industry Experts) का मानना है कि ऑटोमेशन (Automation), डिजिटलाइजेशन (Digitalization) और 'मेक इन इंडिया' (Make in India) जैसी सरकारी पहलों के चलते इस मार्केट में ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। फंडामेंटली (Fundamentally) देखें तो Esab India काफी मजबूत है। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है (Debt-free Balance Sheet) और यह लगातार 42% से ऊपर का शानदार रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity - ROE) दे रही है।
लेकिन यहीं पर एक बड़ी चिंता सामने आती है - कंपनी का वैल्यूएशन। 18 फरवरी, 2026 तक Esab India का P/E रेशियो (P/E Ratio) करीब 40.4x था, जो सेक्टर के औसत 23.1x से काफी ज्यादा है। इसके मुकाबले, Ador Welding जैसे कंपटीटर्स (Competitors) का P/E लगभग 27.6x के आसपास है। Esab India का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) करीब ₹8.5 बिलियन है।
अब बात करते हैं एनालिस्ट्स की राय की, जहां भारी मतभेद साफ दिख रहा है। 18 दिसंबर, 2025 तक, Monarch Networth Capital ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹6,850 का टारगेट दिया था। लेकिन हालिया आकलन तस्वीर को बदल देते हैं। 11 फरवरी, 2026 को MarketsMojo ने Esab India को 'Hold' पर डाउनग्रेड (Downgrade) करते हुए वैल्यूएशन को 'बहुत महंगा' बताया, भले ही फंडामेंटल्स मजबूत हों। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 17 फरवरी, 2026 तक 60 एनालिस्ट्स का सामूहिक मत (Consensus) 'Sell' का था, जबकि कुछ ही एनालिस्ट्स ने इसे 'Buy' या 'Hold' की सलाह दी थी।
कहां है असली रिस्क?
Esab India के लिए सबसे बड़ा रिस्क इसके वैल्यूएशन में ही छिपा है। 40.4x का P/E रेशियो, जो सेक्टर एवरेज से काफी ऊपर है, इसे महंगा बनाता है। MarketsMojo की तरह, कई एनालिस्ट्स भी वैल्यूएशन को लेकर चिंतित हैं। एनालिस्ट्स की राय में इतना बड़ा अंतर, खासकर 'Sell' की मजबूत कंसेंसस, इस बात का संकेत है कि अगर कंपनी की ग्रोथ धीमी पड़ती है या मार्केट सेंटीमेंट (Market Sentiment) बदलता है, तो शेयर पर दबाव आ सकता है। कुछ कंपटीटर्स के मुकाबले, जहां ग्रोथ रीजनेबल प्राइस पर मिल सकती है, Esab India का प्रीमियम वैल्यूएशन यह उम्मीद जगाता है कि इसे मीट (Meet) करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, पिछले पांच सालों में Esab India का मार्केट शेयर 1.13% से घटकर 1.03% हो गया है, जबकि इंडस्ट्री का रेवेन्यू (Revenue) बढ़ा है। यह बढ़ती प्रतिस्पर्धा या तेजी से बदलते इंडस्ट्रियल मशीनरी सेक्टर में अपनी पकड़ बनाने में चुनौतियों का संकेत देता है।