नाशिक की Envision Equipments ने इटली को वाइन-प्रोसेसिंग टैंक निर्यात कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हालांकि एक्सपोर्ट वैल्यू अभी छोटी है, लेकिन निवेशकों की नजर भारत के वाइन मार्केट पर है, जिसके **2033** तक **$2.6 बिलियन** पहुंचने का अनुमान है।
भारत के इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह एक गौरवशाली क्षण है। नाशिक स्थित Envision Equipments ने वाइन-प्रोसेसिंग के लिए खास तरह के टैंकों का निर्यात इटली को किया है। नावा शेवा पोर्ट से भेजी गई यह खेप न केवल भारत की इंजीनियरिंग क्षमता को साबित करती है, बल्कि यूरोपीय बाजारों में भी अपनी जगह बनाने की शुरुआत है। फिलहाल इस शिपमेंट की वैल्यू करीब 21,000 डॉलर है, लेकिन कंपनी अब बड़े ऑर्डर के लिए बातचीत कर रही है।
घरेलू ग्रोथ और सरकारी नियम
इन्वेस्टर्स के लिए वाइन सेक्टर की संभावनाएं केवल एक्सपोर्ट तक सीमित नहीं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय वाइन मार्केट 15% की CAGR से बढ़कर 2033 तक $2.6 बिलियन तक पहुंच सकता है, जो 2025 में लगभग $890 मिलियन था। शहरों में बदलती जीवनशैली और युवाओं की बढ़ती डिमांड इस ग्रोथ का मुख्य इंजन है।
हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। देश भर में करीब 140 रजिस्टर्ड वाइनरी हैं, जिनमें से केवल 50 से 60 ही पूरी क्षमता से चल पा रही हैं। सख्त नियमों के कारण प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन पर लगा ब्रेक एक बड़ी बाधा है। अब सबकी निगाहें उत्तरी राज्यों की नई पॉलिसी पर हैं, जहाँ लाइसेंसिंग नियमों को सरल किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इन्वेस्टर्स को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे राज्य सरकारें लॉजिस्टिक्स को आसान बनाती हैं। यदि रेगुलेटरी रिफॉर्म्स सफल होते हैं, तो Envision Equipments और Fabtech Innovations जैसी कंपनियों की मांग में बड़ा उछाल आ सकता है। Sula Vineyards जैसे लिस्टेड प्लेयर्स के लिए भी ये नीतियां गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। फिलहाल, जो 80 से ज्यादा वाइनरी कम क्षमता पर काम कर रही हैं, उनकी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में सुधार ही इस सेक्टर की अगली बड़ी कहानी तय करेगा।
