Enviro Infra Engineers: उत्तर प्रदेश में ₹257 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट्स जीते, शेयर में आई तेजी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Enviro Infra Engineers: उत्तर प्रदेश में ₹257 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट्स जीते, शेयर में आई तेजी

Enviro Infra Engineers को उत्तर प्रदेश में दो बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जिनकी कुल कीमत **₹256.92 करोड़** है। ये प्रोजेक्ट 'नमामि गंगे' कार्यक्रम के तहत दिए गए हैं और इन्हें हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (Hybrid Annuity Model) पर पूरा किया जाएगा, जिससे कंपनी को **15 साल** का ऑपरेशनल राइट्स मिलेगा।

क्या हुआ?

Enviro Infra Engineers Ltd को उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की ओर से दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कुल कीमत (GST छोड़कर) ₹256.92 करोड़ है और ये केंद्र सरकार के 'नमामि गंगे' कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इन कामों को पूरा करने के लिए, कंपनी ने दो स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) स्थापित किए हैं: वाराणसी लोहता एसटीपी प्राइवेट लिमिटेड (Varanasi Lohta STP Private Limited) और वाराणसी डीडीयू नगर एसटीपी प्राइवेट लिमिटेड (Varanasi DDU Nagar STP Private Limited)।

प्रोजेक्ट्स और टाइमलाइन

पहला प्रोजेक्ट, जिसकी कीमत ₹130.14 करोड़ है, वाराणसी के लोहता में 60 मिलियन लीटर प्रति दिन (MLD) का सीवेज प्लांट बनाने से संबंधित है। इसे पूरा करने के लिए 21 महीने का समय दिया गया है। दूसरा प्रोजेक्ट, जिसकी कीमत ₹126.78 करोड़ है, पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में 45 MLD क्षमता के प्लांट पर केंद्रित है और इसके लिए 18 महीने की निर्माण अवधि है। दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में तीन महीने का ट्रायल रन और 15 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) का जिम्मा शामिल है, जो कंपनी के लिए एक लंबा रेवेन्यू स्ट्रीम तैयार करेगा।

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल क्यों अहम है?

ये प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (Hybrid Annuity Model) पर आधारित हैं। इस मॉडल के तहत, सरकार निर्माण चरण के दौरान पूंजीगत लागत का एक हिस्सा देती है, जबकि बाकी निवेश की वसूली कंपनी द्वारा रियायत अवधि (concession period) के दौरान की जाती है। निवेशकों के लिए, यह मॉडल पारंपरिक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट्स की तुलना में तत्काल लिक्विडिटी दबाव को कम करने का एक तरीका माना जाता है, क्योंकि सरकार शुरुआती फंडिंग का बोझ साझा करती है।

हाल की व्यावसायिक गतिविधियां

यह ऑर्डर जीत कंपनी की सहायक कंपनी, सुयोग ऊर्जा लिमिटेड (Suyog Urja Ltd) द्वारा 27 मई, 2026 को सुरक्षित किए गए एक अलग कॉन्ट्रैक्ट के बाद आई है। ₹207.47 करोड़ के उस प्रोजेक्ट में रिन्यूएबल एनर्जी पहल के लिए भूमि एकत्रीकरण (land aggregation) और प्लांट का काम शामिल था। लगातार कॉन्ट्रैक्ट्स का मिलना कंपनी के ऑर्डर बुक में विस्तार के एक सक्रिय चरण का संकेत देता है।

स्टॉक पर क्या असर हुआ?

शुक्रवार, 3 जुलाई, 2026 को, Enviro Infra Engineers Ltd के शेयर NSE पर 3.31% बढ़कर ₹235.99 पर बंद हुए। यह मार्केट रिएक्शन कंपनी की सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट्स को लगातार सुरक्षित करने की क्षमता में निवेशकों की रुचि को दर्शाता है।

आगे क्या देखें?

निवेशक इन विशिष्ट प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रख सकते हैं, खासकर भूमि अधिग्रहण और वैधानिक मंजूरी (statutory clearances) के संबंध में, जो अक्सर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देरी के मुख्य कारण होते हैं। इसके अलावा, कंपनी के कर्ज के स्तर (debt levels) को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि लंबी अवधि के रखरखाव के लिए कई SPVs को बनाए रखने के लिए सावधानीपूर्वक कैश फ्लो प्रबंधन की आवश्यकता हो सकती है। निर्माण की समय-सीमा को पूरा करने की कंपनी की क्षमता भी यह सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कारक होगी कि 15 साल का O&M इनकम लाभदायक बना रहे।

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