Empower India के शेयर में हलचल! Q3 में Revenue **101%** उछला, पर ऑडिटर रिपोर्ट में बड़ी देरी!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Empower India के शेयर में हलचल! Q3 में Revenue **101%** उछला, पर ऑडिटर रिपोर्ट में बड़ी देरी!
Overview

Empower India Limited ने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले **101.54%** की भारी उछाल दर्ज की गई है, जो **₹4781.25 Lakhs** तक पहुंच गया। हालांकि, नतीजों के साथ एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि कंपनी को अपने स्टेटुटरी ऑडिटर की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है, क्योंकि ऑडिटर गंभीर रूप से बीमार हैं।

नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

Empower India Limited के Q3 FY26 (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही) के अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (वित्तीय नतीजे) सामने आए हैं, जिनमें मिक्स्ड तस्वीर दिख रही है।

रेवेन्यू में तूफानी तेजी, पर प्रॉफिट में मिली-जुली कहानी:

  • कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस: कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) के ₹2372.38 Lakhs की तुलना में 101.54% बढ़कर ₹4781.25 Lakhs हो गया। पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले भी रेवेन्यू में 37.80% की वृद्धि देखी गई। हालांकि, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में मामूली 2.17% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹107.16 Lakhs रहा। पिछली तिमाही के मुकाबले PBT में 62.09% की बड़ी गिरावट आई।

  • स्टैंडअलोन परफॉरमेंस: इस सेगमेंट में रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 19.73% बढ़कर ₹2538.23 Lakhs रहा। लेकिन, रेवेन्यू में ग्रोथ के बावजूद, स्टैंडअलोन PBT में 36.61% की भारी गिरावट आई और यह ₹47.82 Lakhs पर आ गया। अच्छी बात यह है कि पिछली तिमाही के घाटे ₹-9.28 Lakhs के मुकाबले स्टैंडअलोन PBT में 615.30% की ज़बरदस्त रिकवरी हुई है।

  • EPS (Earnings Per Share): कंसोलिडेटेड बेसिक और डाइल्यूटेड EPS पिछले साल के स्तर पर ₹0.01 पर स्थिर रहा, लेकिन पिछली तिमाही से घटकर ₹0.01 हो गया। स्टैंडअलोन EPS पिछले साल के ₹0.01 से घटकर ₹0.00 पर आ गया।

ऑडिटर रिपोर्ट मिलने में देरी का मामला:

नतीजों के साथ कंपनी ने एक गंभीर डिस्क्लोजर (खुलासा) किया है। कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर, मिस्टर ऋषि शेखर (Mr. Rishi Shekhri), गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इस वजह से, कंपनी को ऑडिटर की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट (Limited Review Report) प्राप्त करने में असमर्थता जताई है। मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, उसे जल्द से जल्द सबमिट कर दिया जाएगा। यह कोई डिसएग्रीमेंट (असहमति) का मामला नहीं, बल्कि एक अप्रत्याशित परिस्थिति (unforeseen circumstance) है।

क्या हैं जोखिम और आगे की राह?

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम रिपोर्ट में देरी के कारण आने वाली अनिश्चितता है, जो स्टॉक की सेंटिमेंट (sentiment) और लिक्विडिटी (liquidity) को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, स्टैंडअलोन PBT में गिरावट पर कंपनी को गहराई से ध्यान देने की ज़रूरत है ताकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) को सुधारा जा सके। इस घोषणा में कंपनी ने भविष्य के लिए कोई आउटलुक (outlook) या गाइडेंस (guidance) जारी नहीं किया है।

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