Elitecon International (एलीटकोन इंटरनेशनल) के लिए एक के बाद एक बुरी खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में, कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) Dayanand Ray ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, कंपनी Sunbridge Agro Private Limited (SAPL) के अपने अधिग्रहण को वापस लेने (reversal) की प्रक्रिया पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, जिसके पीछे डील को पूरा करने में आ रही फंड की भारी समस्या बताई जा रही है।
ED Dayanand Ray ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए 27 फरवरी, 2026 से प्रभावी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के बोर्ड ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।
इसके साथ ही, कंपनी 4 सितंबर, 2025 को शुरू हुए Sunbridge Agro Private Limited (SAPL) के अधिग्रहण को लेकर भी एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। डील को पूरा करने में फंड की कमी एक बड़ा रोड़ा साबित हुई है। इसमें हाल ही में दिसंबर 2024 - जनवरी 2025 के दौरान किया गया Qualified Institutional Placement (QIP) असफल रहा, और SAPL के गिरवी रखे शेयरों (pledged shares) को छुड़ाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, कंपनी अब इस सौदे को आपसी सहमति से वापस लेने के रास्ते तलाश रही है।
इस जटिल स्थिति से निपटने के लिए, Elitecon International ने O.P. Khaitan & Co. को लीगल एडवाइजर (legal advisor) नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि कंपनी ने हाल ही में Q3 FY26 के नतीजे घोषित किए थे, जिसमें ₹160.36 करोड़ का रेवेन्यू और ₹9.08 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया था।
एक वरिष्ठ एग्जीक्यूटिव (ED) का जाना कंपनी के अंदरूनी कामकाज और रणनीतियों में संभावित बदलावों का संकेत दे सकता है। वहीं, SAPL अधिग्रहण का सौदा फंड की कमी और असफल QIP के चलते रुकना, निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा करता है। यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं के मुकाबले कुछ गहरी वित्तीय चुनौतियों का सामना कर सकती है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी SAPL के साथ बातचीत में क्या नतीजा निकालती है, इस डील को वापस लेने के क्या वित्तीय प्रभाव होंगे, और नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की तलाश कब पूरी होती है। साथ ही, कंपनी अपने मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस पर कितना ध्यान केंद्रित कर पाती है, यह देखना भी अहम होगा।