Eicher Motors की ज्वाइंट वेंचर VE Commercial Vehicles (VECV) ने मार्च 2026 के लिए कुल बिक्री में 10.1% की बढ़ोतरी के साथ 13,311 यूनिट्स का आंकड़ा छुआ। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से डोमेस्टिक (घरेलू) ट्रक और बस सेल्स में 13.6% की मजबूत उछाल से आई है, जहां 12,706 यूनिट्स की बिक्री हुई। हालांकि, दूसरी तरफ एक्सपोर्ट्स में 38.8% की भारी गिरावट देखी गई, जो घटकर केवल 407 यूनिट्स रह गए। मार्च 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.80 ट्रिलियन था और P/E रेश्यो लगभग 33.72 था।
VECV के MD & CEO, Vinod Aggarwal, ने पहले भी एक्सपोर्ट्स में सुस्ती के लिए भू-राजनीतिक तनाव और खासकर दक्षिण एशिया जैसे प्रमुख बाजारों में फॉरेन एक्सचेंज (विदेशी मुद्रा) के दबाव को जिम्मेदार ठहराया था। कंपनी एक ऐसे बेहद कॉम्पिटिटिव (प्रतिस्पर्धी) बाजार में काम करती है जहां Tata Motors, Mahindra & Mahindra और Ashok Leyland जैसी कंपनियां करीब 75% मार्केट शेयर के साथ हावी हैं।
यह नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब भारतीय कमर्शियल व्हीकल (CV) सेक्टर में कुल मिलाकर मजबूती बनी हुई है, लेकिन वैश्विक चुनौतियां भी साफ दिख रही हैं। इसी महीने Tata Motors ने अपनी CV सेल्स में 17% की बढ़ोतरी के साथ 47,976 यूनिट्स बेचे, वहीं Ashok Leyland ने 5% बढ़कर 25,381 यूनिट्स की बिक्री की। वैश्विक तेल की कीमतों में आई भारी बढ़ोतरी, जो मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के चलते $115 प्रति बैरल को पार कर गई है, सीधे तौर पर ऑटो सेक्टर को प्रभावित कर रही है और महंगाई की चिंताएं बढ़ा रही है।
आगे देखते हुए, एनालिस्ट्स Eicher Motors को लेकर ज्यादातर सकारात्मक बने हुए हैं। कई ब्रोकरेज हाउसेज ने 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग दी है और शेयर के लिए INR 9,000 तक के टारगेट प्राइस रखे हैं। अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में कंपनी के रेवेन्यू में करीब 23.9% और प्रॉफिट में 16.9% की बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी की रणनीति डोमेस्टिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की ताकत का फायदा उठाने और एक्सपोर्ट्स की चुनौतियों के बावजूद अपने अंतरराष्ट्रीय फुटप्रिंट का विस्तार करने पर केंद्रित है।