Dixon Technologies ने अब कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से आगे बढ़कर एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑटोमोटिव जैसे हाई-वैल्यू सेक्टर में कदम रखने का ऐलान किया है। कंपनी अपनी कैमरा मॉड्यूल क्षमता बढ़ा रही है और AI हार्डवेयर मार्केट में उतरने के लिए Gemtek Technology के साथ हाथ मिलाया है।
मैन्युफैक्चरिंग से इंजीनियरिंग की ओर कदम
Dixon Technologies अब केवल असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी का लक्ष्य अब कॉन्ट्रैक्ट असेंबली से आगे बढ़कर एंड-टू-एंड इंजीनियरिंग और डिजाइन सर्विस देने वाली 'इंजीनियरिंग पावरहाउस' बनने का है। इस बड़े बदलाव के साथ कंपनी एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटोमोटिव और मेडिकल इक्विपमेंट जैसे क्षेत्रों में अपने पैर पसार रही है।
क्षमता विस्तार और नई पार्टनरशिप
ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए Dixon ने Kunshan Q-Tech India में अपनी कैपेसिटी को काफी बढ़ाया है। कंपनी का लक्ष्य कैमरा मॉड्यूल का सालाना प्रोडक्शन 7 करोड़ यूनिट से बढ़ाकर 18 करोड़ से 19 करोड़ यूनिट के बीच ले जाना है। इसके अलावा, ताइवान की Gemtek Technology के साथ 60:40 की जॉइंट वेंचर डील हुई है, जिससे ऑप्टिकल ट्रांसीवर्स बनाए जाएंगे। यह कदम डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
निवेश के लिहाज से क्या हैं जोखिम?
शेयर मार्केट में कंपनी का स्टॉक ₹14,240 से ₹14,608 के दायरे में ट्रेड कर रहा है, लेकिन निवेशकों को सतर्क भी रहना होगा। सिंपल असेंबली से कॉम्प्लेक्स इंजीनियरिंग में जाना आसान नहीं है। इसमें 'एग्जीक्यूशन रिस्क' ज्यादा होता है। साथ ही, ग्लोबल लेवल पर कड़ी प्रतिस्पर्धा और कंपोनेंट्स के इंपोर्ट पर निर्भरता सप्लाई चेन के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती है।
अब सबकी नजरें 28 सितंबर, 2026 को होने वाली कंपनी की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग पर टिकी हैं, जहां मैनेजमेंट भविष्य की रणनीतियों और मुनाफे पर पड़ने वाले असर को लेकर और क्लैरिटी दे सकता है।
