Dixon Technologies Share Price: Nuvama की 'Buy' कॉल, Vivo डील से बड़ी उम्मीद, पर मार्जिन पर टेंशन

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AuthorAditya Rao|Published at:
Dixon Technologies Share Price: Nuvama की 'Buy' कॉल, Vivo डील से बड़ी उम्मीद, पर मार्जिन पर टेंशन
Overview

Nuvama Securities ने Dixon Technologies पर 'Buy' रेटिंग देते हुए **₹11,700** का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, आने वाली Vivo जॉइंट वेंचर (JV) और नए इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में विस्तार से कंपनी लंबी अवधि में जोरदार ग्रोथ हासिल करेगी। हालांकि, बढ़ती लागत और कमजोर मांग के कारण निकट भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव की आशंका जताई गई है, जिसके चलते FY27 के अनुमानों में **6-8%** की कटौती की गई है।

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ग्रोथ की रफ्तार पर मार्जिन का पहरा

Nuvama Securities ने Dixon Technologies के शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है और ₹11,700 का टारगेट प्राइस रखा है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 15% की तेजी का संकेत देता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 32% और EBITDA 27% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ से बढ़ सकता है। इस ग्रोथ के पीछे मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में मजबूती और नए इलेक्ट्रॉनिक्स एरिया में विस्तार प्रमुख वजह होंगे।

लेकिन, बढ़ती कंपोनेंट लागत और कंज्यूमर डिमांड में नरमी की चिंताओं को देखते हुए Nuvama ने FY27 के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के अनुमानों को 6-8% तक कम कर दिया है। मार्केट इस समय Vivo के साथ होने वाली जॉइंट वेंचर (JV) की प्रगति पर पैनी नजर रखे हुए है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग वॉल्यूम में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Vivo डील और डायवर्सिफिकेशन: ग्रोथ के मेन इंजन

Vivo के साथ होने वाला यह जॉइंट वेंचर Dixon Technologies के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित होने वाला है। कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि इस डील को सरकारी मंजूरी मिलने के बहुत करीब है। दिसंबर 2024 में घोषित हुई इस पार्टनरशिप से Dixon की स्मार्टफोन बनाने की क्षमता सालाना 20-22 मिलियन यूनिट्स तक बढ़ सकती है।

कंपनी सिर्फ मोबाइल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे प्रॉफिटेबल एरिया में भी कदम बढ़ा रही है। HKC Corp के साथ मिलकर बनाया जा रहा डिस्प्ले मॉड्यूल असेंबली यूनिट FY27 की तीसरी तिमाही (Q3 FY27) में ट्रायल शुरू कर सकता है और चौथी तिमाही (Q4 FY27) तक फुल प्रोडक्शन में आ जाएगा। इससे ₹5,500-6,000 करोड़ का रेवेन्यू आने की उम्मीद है।

Dixon की IT हार्डवेयर बिजनेस को FY27 तक ₹4,000 करोड़ से ऊपर ले जाने की योजना है, जिसमें नई फैसिलिटीज और SSD प्रोडक्शन भी शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी एयरोस्पेस, डिफेंस, मेडिकल और इंडस्ट्रियल जैसे सेक्टर में स्पेशियलिटी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) के लिए ₹3,000-4,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट कर रही है। एक्सपोर्ट्स भी बढ़ रहे हैं, जिसमें iSmartu सब्सिडियरी अफ्रीका में फीचर फोन और स्मार्टफोन शिप करने की तैयारी में है।

वैल्यूएशन और अर्निंग्स का गणित

Nuvama ने मार्च 2027 के लिए प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल को 55x पर बरकरार रखा है। फिलहाल Dixon Technologies का P/E करीब 37-40x है, जो इसके 10 साल के औसत 90.99x से काफी कम है। यह वैल्यूएशन Amber Enterprises India (ओवर 188x P/E) और Syrma SGS Technology (53-75x P/E) जैसे कंपीटिटर्स से भी नीचे है।

हालांकि, Nuvama की EPS में कटौती FY27 को लेकर चिंताएं दिखाती है। Emkay Global ने भी FY27/28 के लिए EPS अनुमानों को 27-29% तक घटा दिया है, क्योंकि उन्हें स्मार्टफोन वॉल्यूम और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से मिलने वाले फायदों में कमी की आशंका है। Dixon का Q4 FY26 नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 36% गिरा था, भले ही रेवेन्यू स्थिर रहा हो, क्योंकि EBITDA मार्जिन घटकर 3.9% पर आ गया था।

मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ

Nuvama के अनुसार, Dixon Technologies की फाइनेंशियल हेल्थ बहुत मजबूत है। कंपनी इन्वेंटरी और रिसीवेबल्स को कुशलता से मैनेज करती है, जिससे वर्किंग कैपिटल डेज निगेटिव रहते हैं। मार्च 2025 तक, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो सिर्फ 0.07 था, जिसमें कुल कर्ज ₹13.9 बिलियन और शेयरहोल्डर इक्विटी ₹46.8 बिलियन थी। इसका मतलब है कि कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त है।

इसके पास ₹6.4 बिलियन की नकदी और शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टमेंट हैं, और नेट कैश पोजीशन ₹230 करोड़ है। यह फाइनेंशियल मजबूती कंपनी को क्षमता विस्तार और मार्केट में उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करती है। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 28-37% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) करीब 42-45% के बीच है।

निकट अवधि के जोखिम: मार्जिन और मांग

निकट भविष्य में Dixon Technologies के लिए कुछ जोखिम बने हुए हैं। मेमोरी और DRAM जैसी कंपोनेंट्स की बढ़ती लागतें, खासकर स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में प्रॉफिट मार्जिन को दबा रही हैं। मोबाइल प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) बेनिफिट्स का खत्म होना भी अर्निंग्स को प्रभावित कर सकता है, जिससे EBITDA मार्जिन 50-70 बेसिस पॉइंट्स तक कम हो सकता है।

Nuvama की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले क्वार्टर में स्मार्टफोन वॉल्यूम उम्मीदों से कम रहे, और Vivo डील के बिना FY27 में फ्लैट ग्रोथ की आशंका है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर में भारी कॉम्पिटिशन है। Amber Enterprises और Syrma SGS Technology जैसे प्रतिद्वंद्वी कहीं ज्यादा हाई P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं।

Goldman Sachs ने Dixon को 'Sell' रेटिंग दी है, जिसके पीछे कमजोर परफॉर्मेंस और हाई DRAM कीमतों के कारण मोबाइल आउटलुक पर सावधानी को कारण बताया गया है। हालांकि सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट कर रही है, लेकिन प्रोत्साहन नीतियों में संभावित बदलाव से लगातार जोखिम बने रहेंगे।

इन्वेस्टर्स का फोकस और भविष्य का नजरिया

इन्वेस्टर्स Vivo JV के लिए सरकारी मंजूरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो जल्द ही मिल सकती है और FY27 के वॉल्यूम को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है। कंपनी का IT हार्डवेयर, डिस्प्ले मॉड्यूल और स्पेशियलिटी EMS में जाना, हाई-वैल्यू मार्केट सेगमेंट को टारगेट करने की एक स्ट्रेटेजिक डाइवर्सिफिकेशन है।

भारत की डोमेस्टिक इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन को 2026 तक $300 बिलियन तक ले जाने की कोशिशें, PLI स्कीम जैसे प्रोग्राम्स के साथ एक पॉजिटिव इकोनॉमिक माहौल बना रही हैं। एनालिस्ट की राय मिली-जुली है, लेकिन ज्यादातर पॉजिटिव है, जिसमें JM Financial की ₹11,200 से लेकर Motilal Oswal की ₹14,600 तक के टारगेट प्राइस शामिल हैं। हालांकि, कमजोर कंज्यूमर डिमांड और लगातार मार्जिन प्रेशर, शॉर्ट-टर्म अर्निंग्स ग्रोथ को सीमित कर सकते हैं। अपने डाइवर्सिफिकेशन प्लान्स को सफलतापूर्वक लागू करना और रेगुलेटरी मंजूरियों को नेविगेट करना Dixon Technologies के लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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