Motilal Oswal Financial Services ने Dixon Technologies पर अपना 'BUY' रिकमेंडेशन (Recommendation) दोहराया है, जो कंपनी की लंबी अवधि की संभावनाओं में उनके विश्वास को दर्शाता है। ब्रोकरेज फर्म ने शेयर के लिए ₹16,700 का टारगेट प्राइस तय किया है। फर्म का मानना है कि हालिया स्टॉक करेक्शन, जो लगभग 46% रहा है, मौजूदा अनिश्चितताओं और जोखिमों को काफी हद तक समायोजित कर चुका है, जिससे यह निवेशकों के लिए एक आकर्षक एंट्री पॉइंट बन सकता है।
स्मार्टफोन सेगमेंट की चुनौतियां
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, खासकर स्मार्टफोन इंडस्ट्री, इस समय कुछ बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है। इसका सीधा असर Dixon Technologies जैसी कंपनियों पर पड़ रहा है। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही (3QFY26) के लिए, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) और EBITDA के आंकड़े बाजार की उम्मीदों के मुताबिक रहे। हालांकि, स्मार्टफोन की मांग में आई नरमी ने प्रदर्शन को प्रभावित किया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि मेमोरी कंपोनेंट्स की ऊंची कीमतों और चैनल इन्वेंट्री (Channel Inventory) की अधिकता के कारण यह मंदी बनी हुई है। उम्मीद है कि ये दिक्कतें अगले कुछ और तिमाहियों तक जारी रहेंगी, जिससे मोबाइल वॉल्यूम ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
रणनीतिक प्रगति जारी
इन मुश्किलों के बावजूद, Dixon Technologies अपनी रणनीतिक पहलों पर आगे बढ़ रही है। कंपनी की बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration) योजनाएं तय समय पर चल रही हैं। साथ ही, कंपनी को कैमरा मॉड्यूल्स और इलेक्ट्रो ट्रांससीवर्स जैसे अहम कंपोनेंट्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ECMS) की मंजूरी भी मिल गई है। ये कदम घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Vivo JV में देरी और अनुमानों में बदलाव
हालांकि, Vivo के साथ प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) के लिए जरूरी मंजूरियों में देरी हुई है। कंपनी को उम्मीद है कि चालू फाइनेंशियल ईयर की तिमाही में ये मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन इस देरी ने थोड़ी अनिश्चितता बढ़ा दी है। स्मार्टफोन वॉल्यूम में मौजूदा कमजोरी और फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए मार्जिन में कमी की उम्मीदों को देखते हुए, एनालिस्ट्स ने अपने वित्तीय अनुमानों में भी बदलाव किया है। FY27 और FY28 के लिए प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमानों को क्रमशः 23% और 9% घटा दिया गया है।
उद्योग का परिदृश्य
भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर भी वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधानों और कंपोनेंट लागतों में उतार-चढ़ाव से अछूता नहीं है। Amber Enterprises और PG Electroplast जैसे प्रतियोगी भी इसी तरह के बाजार हालात का सामना कर रहे हैं। Dixon का बैकवर्ड इंटीग्रेशन और विविध उत्पाद पोर्टफोलियो इसे एक रणनीतिक बढ़त देता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹48,500 करोड़ है, और फरवरी 2026 की शुरुआत में इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) P/E लगभग 62.5 गुना था। ऐतिहासिक रूप से, Dixon Technologies ने मांग में मंदी से उबरने की क्षमता दिखाई है। मौजूदा 46% का करेक्शन बताता है कि निवेशक काफी डाउनसाइड रिस्क को कीमत में शामिल कर रहे हैं, जो Motilal Oswal के दृष्टिकोण से मेल खाता है कि निकट अवधि की अनिश्चितताएं शेयर की कीमत में पहले से ही दिख रही हैं।