नतीजों पर एक नज़र
Delton Cables Ltd. के तिमाही और 9 महीनों के फाइनेंशियल नतीजे काफी दमदार नज़र आए हैं। Q3 FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1886.4 मिलियन के मुकाबले 42% बढ़कर ₹2684 मिलियन पर पहुँच गया। वहीं, 9 महीनों (9M FY26) में रेवेन्यू 31.4% की बढ़ोतरी के साथ ₹6660.7 मिलियन दर्ज किया गया।
EBITDA की बात करें तो Q3 FY26 में यह 57.5% की छलांग लगाते हुए ₹185.8 मिलियन पर आ गया, और मार्जिन 66 बेसिस पॉइंट बढ़कर 6.92% हो गए। 9M FY26 के लिए EBITDA 58.6% बढ़कर ₹510.1 मिलियन रहा, जिसमें मार्जिन 132 बेसिस पॉइंट सुधरकर 7.66% तक पहुँच गए। यह तब हुआ जब इनपुट कॉस्ट (input cost) बढ़ी हुई थी।
मुनाफे में ज़बरदस्त उछाल
एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Adjusted PAT) ने तो कमाल ही कर दिया। 9M FY26 में यह पिछले साल के ₹66.6 मिलियन से 97% बढ़कर ₹131.2 मिलियन पर पहुँच गया। Q3 FY26 में एडजस्टेड PAT 11% की बढ़ोतरी के साथ ₹37.5 मिलियन रहा। नतीजतन, 9M FY26 के लिए एडजस्टेड EPS (Earnings Per Share) 97% की भारी उछाल के साथ ₹15.18 पर पहुँच गया। यह ध्यान देने वाली बात है कि PAT की गणना में 'exceptional income' को एडजस्ट किया गया है, जिस पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए।
रणनीति और ऑर्डर बुक की ताकत
कंपनी की रणनीति में बड़ा बदलाव नज़र आ रहा है। 9M FY26 रेवेन्यू में EPC सेगमेंट का योगदान 51% रहा, जिसमें 26% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, रेलवे सेगमेंट, जो रेवेन्यू का 32% हिस्सा है, उसमें 4% की गिरावट आई। मैनेजमेंट का कहना है कि यह जानबूझकर लिया गया फैसला है क्योंकि रेलवे सेगमेंट में मार्जिन कम रहता है। कंपनी अब ज्यादा प्रॉफिटेबल बिज़नेस पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹6940 मिलियन के पार पहुँच गई है, जो Q2 FY26 की तुलना में 60% से ज़्यादा की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है। इस बड़ी ऑर्डर बुक का लगभग 93% हिस्सा हाई-मार्जिन वाले EPC सेगमेंट से आया है, जो कंपनी की नई रणनीति के अनुरूप है।
आगे का रास्ता और चुनौतियाँ
EPC और टेलीकॉम सेक्टर्स में मजबूत डिमांड और बढ़ी हुई ऑर्डर बुक के चलते Delton Cables का भविष्य सकारात्मक दिख रहा है। कंपनी का कम मार्जिन वाले सेगमेंट्स से हटकर EPC पर ध्यान केंद्रित करना, मार्जिन बढ़ाने और रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव एक बड़ा फैक्टर बना रहेगा जिस पर नज़र रखनी होगी। निवेशकों को EPC ऑर्डर बुक के रेवेन्यू और प्रॉफिट में बदलने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।