ग्रोथ का इंजन: टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग
Deloitte India मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (मई 2026 तक) में करीब $1.7 बिलियन (लगभग ₹14,500 करोड़) का रेवेन्यू हासिल करने की उम्मीद कर रहा है, जो सालाना 21% की ग्रोथ दर्शाता है। फर्म की असली ताकत टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग डिवीजन हैं, जो अब इसके कुल रेवेन्यू का करीब दो-तिहाई हिस्सा जुटाते हैं। यह सेक्टर पिछले नौ सालों में ₹250 करोड़ से बढ़कर एक बड़ी ताकत बन गया है। भारतीय IT सर्विसेज मार्केट के $57.13 बिलियन (2030 तक) और मैनेजमेंट कंसल्टिंग सर्विसेज मार्केट के $17.01 बिलियन (2031 तक) तक पहुंचने का अनुमान है, जो इस सेक्टर की बढ़ती अहमियत को दिखाता है। इस बीच, Accenture India ने FY25 के लिए ₹74,667 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 13% ज्यादा है।
'प्रोजेक्ट भारत' से नए अवसर
कंपनी की विस्तार योजना का एक अहम हिस्सा 'प्रोजेक्ट भारत' है। इस पहल के तहत, Deloitte India 100 से 150 फाउंडर-लेड कंपनियों को अगले कुछ सालों में बिलियन-डॉलर के बिजनेस में बदलने में मदद करेगा। साथ ही, अपने E-Vardhan डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए 10 लाख माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) तक पहुंचेगा और छोटे शहरों में मौजूद स्टार्टअप्स को अपनी एडवाइजरी सेवाएं देगा। यह सब फर्म की '5511 स्ट्रेटेजी' का हिस्सा है, जिसका मकसद $5 बिलियन रेवेन्यू और दुनिया भर की टॉप 5 डेलॉइट फर्म्स में अपनी जगह बनाना है।
AI के दौर में रिकॉर्ड हायरिंग
जहां कई कंपनियां ऑटोमेशन और AI के कारण छंटनी कर रही हैं, वहीं Deloitte India अगले 3 से 4 सालों में 50,000 और प्रोफेशनल को हायर करके अपने कुल वर्कफोर्स को 1 लाख तक ले जाने की योजना बना रही है। फर्म का मानना है कि AI अगले 2 से 3 सालों में मैनुअल कामों को लगभग 30% तक कम कर देगा। वहीं, टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड सर्विसेज से आने वाले रेवेन्यू का हिस्सा बढ़कर 40-45% होने की उम्मीद है, जो अभी सिर्फ 5% है। Deloitte अपनी आय का लगभग 9% क्षमता निर्माण और इनोवेशन पर खर्च कर रही है और 30,000 कर्मचारियों को AI की ट्रेनिंग भी दे चुकी है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में नई नियुक्तियां और तेज़ विस्तार को लेकर टैलेंट को इंटीग्रेट करने और बिजनेस की वित्तीय स्थिरता पर सवाल भी उठ रहे हैं।
मार्केट में नंबर 2, नंबर 1 बनने की राह पर
फिलहाल, Deloitte India भारतीय प्रोफेशनल सर्विसेज मार्केट में EY के बाद दूसरी सबसे बड़ी फर्म है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगर कंपनी अपनी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो अगले 12 से 15 महीनों में यह मार्केट लीडर बन सकती है। FY24 में, Deloitte India ने 29% की ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की और ₹10,000 करोड़ का रेवेन्यू पार किया, जो इसके Big Four प्रतिद्वंद्वियों में सबसे तेज़ ग्रोथ थी। इस दौरान, EY ने 16-17% ग्रोथ के साथ ₹13,400 करोड़ से अधिक और PwC ने 22% ग्रोथ के साथ ₹9,200 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया। वैश्विक स्तर पर, Deloitte कंसल्टिंग सर्विसेज रेवेन्यू में लगातार सातवें साल नंबर वन बनी हुई है।
आगे की राह और चुनौतियां
Deloitte India के सामने बड़ी महत्वाकांक्षाओं के साथ-साथ कई चुनौतियां भी हैं। 50,000 नए लोगों को हायर करने के लिए भारी निवेश, ट्रेनिंग, ऑनबोर्डिंग और सर्विस क्वालिटी बनाए रखने की ज़रूरत होगी। 'प्रोजेक्ट भारत' के तहत कम सेवा वाले बाजारों में विस्तार आसान नहीं होगा और इसके लिए लगातार निवेश की आवश्यकता होगी। EY, PwC, KPMG और Accenture जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिलेगी, जो टेक्नोलॉजी और AI में भारी निवेश कर रहे हैं। साथ ही, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट जैसे नए नियम कंप्लायंस से जुड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। फर्म की सफलता इन सभी ऑपरेशनल और मार्केट जोखिमों को संभालने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगी।