लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Delhivery के लिए सितंबर तिमाही शानदार रही। कंपनी ने पहली बार **₹3,000 करोड़** का रेवेन्यू पार किया है और घाटे से निकलकर **₹40.6 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। दमदार नतीजों के बाद शेयर में **8%** से ज्यादा की तेजी देखी गई है।
मुनाफे का शानदार टर्नअराउंड
Delhivery Limited ने सितंबर 2026 तिमाही में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹50.5 करोड़ का नुकसान हुआ था, जिससे उबरते हुए कंपनी ने इस बार ₹40.6 करोड़ का मुनाफा कमाया है। नतीजों की घोषणा के बाद 2 नवंबर 2026 को कंपनी के शेयर में 8% से ज्यादा का उछाल आया।
रेवेन्यू और वॉल्यूम का दम
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू साल-दर-साल 20% बढ़कर ₹3,066 करोड़ रहा। यह पहली बार है जब कंपनी ने एक तिमाही में ₹3,000 करोड़ के आंकड़े को पार किया है। इस ग्रोथ के पीछे एक्सप्रेस पार्सल बिजनेस का बड़ा हाथ है, जिसके शिपमेंट वॉल्यूम में 32% की बढ़ोतरी हुई और यह 32.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गया। इसके अलावा, पार्ट ट्रक लोड (PTL) सेगमेंट में भी 14% का वॉल्यूम उछाल आया, जो 5.45 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया। कंपनी ने AI और ऑटोमेशन में निवेश बढ़ाकर अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाया है।
चुनौतियां और आगे की राह
मुनाफे के बावजूद लॉजिस्टिक्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का दबाव बना हुआ है। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लेबर मार्केट में तंगी जैसे बाहरी दबाव अब भी मौजूद हैं। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी इस मुनाफे को बरकरार रख पाती है। हालांकि, ₹4,676 करोड़ की मजबूत कैश बैलेंस के साथ कंपनी के पास अपनी भविष्य की योजनाओं, जैसे 'Delhivery Local', को विस्तार देने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है। अब मार्केट की नजर वॉल्यूम ग्रोथ की स्थिरता और कंपनी की लागत प्रबंधन (Cost Management) क्षमता पर रहेगी।
