लॉजिस्टिक्स दिग्गज Delhivery ने इस तिमाही में शानदार वापसी करते हुए **₹40.6 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को **₹50.5 करोड़** का घाटा हुआ था। कंपनी का रेवेन्यू **20%** बढ़कर **₹3,066.3 करोड़** पर पहुंच गया है, इसके बावजूद 30 अक्टूबर को बाजार की निराशाजनक प्रतिक्रिया के चलते शेयर **3%** नीचे गिर गया।
मुनाफे की राह पर Delhivery
सितंबर 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही में Delhivery ने ₹40.6 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। कंपनी की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। AI के जरिए कंपनी ने कस्टमर ऑनबोर्डिंग को आसान बनाया, धोखाधड़ी को रोकने के लिए पुख्ता सिस्टम तैयार किए और क्लेम को सुलझाने की रफ्तार में सुधार किया है। इन्हीं वजहों से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹3,066.3 करोड़ के स्तर को पार कर गया।
बाजार की नाराजगी और भविष्य की उम्मीदें
नतीजे बेहतर होने के बावजूद, निवेशकों का मूड कुछ अलग ही रहा। 30 अक्टूबर को स्टॉक 3% की गिरावट के साथ ₹386 पर बंद हुआ। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अच्छे नतीजों के बाद भी बिकवाली इसलिए हुई क्योंकि निवेशकों की उम्मीदें शायद कंपनी की परफॉर्मेंस से भी कहीं ज्यादा थीं। फिलहाल कंपनी की कैश पोजीशन काफी मजबूत है, जो कि ₹4,676 करोड़ है, जो भविष्य के ऑपरेशंस के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करेगी।
मैनेजमेंट ने भी ग्रोथ को लेकर उत्साह दिखाया है। FY27 की चौथी तिमाही के लिए कंपनी ने अपने रेवेन्यू टारगेट को ₹250 करोड़ से बढ़ाकर ₹280 करोड़ कर दिया है। साथ ही, अगले दो सालों में ₹800 करोड़ से ₹1,000 करोड़ का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
चुनौतियां अभी बाकी हैं
भले ही कंपनी ने फाइनेंशियल फ्रंट पर सुधार किया है, लेकिन लॉजिस्टिक्स सेक्टर की अपनी चुनौतियां हैं। फ्यूल की बढ़ती कीमतें और लेबर की उपलब्धता जैसे बाहरी फैक्टर्स कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर डाल सकते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या Delhivery अपने विस्तार के साथ-साथ ऑपरेटिंग खर्चों पर लगाम लगाने में कामयाब रहती है या नहीं।
