Delhi Airport: 2030 तक बनेगा **₹3,500 करोड़** का 'एयर ट्रेन', जानिए क्या है GMR का बड़ा प्लान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Delhi Airport: 2030 तक बनेगा **₹3,500 करोड़** का 'एयर ट्रेन', जानिए क्या है GMR का बड़ा प्लान

Delhi International Airport Limited (DIAL) ने **₹3,500 करोड़** के 'एयर ट्रेन' प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। **2030** तक तैयार होने वाले इस ऑटोमेटेड ट्रांजिट सिस्टम से **12.5 करोड़** यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी।

दिल्ली एयरपोर्ट की कायापलट करने के लिए DIAL ने ₹3,500 करोड़ के 'ऑटोमेटेड पीपल मूवर' यानी 'एयर ट्रेन' प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। यह 7.3 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रांजिट नेटवर्क सभी टर्मिनल्स, एरोसिटी और कार्गो एरिया को आपस में जोड़ेगा। इस ड्राइवरलेस सिस्टम का लक्ष्य 2030 तक सालाना 12.5 करोड़ यात्रियों का बोझ उठाना है।

GMR के लिए क्या है दांव?

यह प्रोजेक्ट GMR Airports Infrastructure के मास्टर प्लान का मुख्य हिस्सा है। इससे टर्मिनल्स के बीच सफर का समय घटकर महज 13 मिनट रह जाएगा। कंपनी अपने इंटरनल रिसोर्सेज से इस पूरे खर्च को उठाएगी, जो बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर की ओर इशारा है।

रेगुलेटरी और मार्केट जोखिम

निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Airport Economic Regulatory Authority (AERA) इस पर क्या रुख अपनाती है। इस प्रोजेक्ट का पूरा फायदा तभी होगा जब कंपनी टैरिफ में बदलाव को मंजूरी दिला पाएगी। साथ ही, नोएडा में आ रहे Jewar Airport से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा भी एक चुनौती है। अब मार्केट को कंपनी के अगले क्वार्टरली रिजल्ट्स का इंतजार है, जहां मैनेजमेंट इस इन्वेस्टमेंट के कर्ज और कैश फ्लो पर असर के बारे में जानकारी दे सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.