₹733 करोड़ रेवेन्यू पार, Ddev Plastiks का दमदार Q3 प्रदर्शन
Ddev Plastiks Industries Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और पहली नौ महीनों (9MFY26) में अपनी दमदार वित्तीय स्थिति का प्रदर्शन किया है। कंपनी के नतीजों से लगातार ग्रोथ और रणनीतिक विविधीकरण के संकेत मिल रहे हैं।
तिमाही और नौ महीने का प्रदर्शन:
Q3 FY26 में, कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 17% बढ़कर ₹733 करोड़ पर पहुंच गया। इस उछाल का मुख्य श्रेय PVC कंपाउंड्स की मजबूत मांग को जाता है। EBITDA 13% YoY बढ़कर ₹80 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन 11% पर स्थिर बना हुआ है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 11% YoY की बढ़ोतरी हुई और यह ₹48 करोड़ रहा, जिसमें PAT मार्जिन 7% था।
नौ महीनों (9MFY26) के आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू में 17% YoY की प्रभावशाली वृद्धि के साथ यह ₹2,182 करोड़ रहा। EBITDA 13% YoY बढ़कर ₹234 करोड़ ( 11% मार्जिन) हो गया, और PAT 11% YoY बढ़कर ₹147 करोड़ ( 7% मार्जिन) दर्ज किया गया। खास बात यह है कि 9MFY26 में कंपनी के एक्सपोर्ट्स में 33% YoY की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹523 करोड़ तक पहुंच गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए, Ddev Plastiks ने ₹2,603 करोड़ का रेवेन्यू, ₹287 करोड़ का EBITDA ( 11% मार्जिन), और ₹185 करोड़ का PAT ( 7% मार्जिन) रिपोर्ट किया था।
कमाई की गुणवत्ता और बैलेंस शीट:
कंपनी की एक बड़ी मजबूती उसकी मजबूत वित्तीय सेहत है। Ddev Plastiks फाइनेंशियल ईयर 2024 की चौथी तिमाही (Q4 FY24) से ही नेट डेट-फ्री (Net Debt-Free) स्थिति में है और इस स्थिति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो FY22 में ₹392 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹835 करोड़ हो गई है। कंपनी की वित्तीय सूझबूझ उसके बेहतर होते लाभप्रदता अनुपातों में झलकती है, जिसमें FY25 में रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 32% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 22% रहा।
BESS मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी एंट्री और कैपेसिटी एक्सपेंशन
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में रणनीतिक कदम:
एक महत्वपूर्ण रणनीतिक चाल चलते हुए, Ddev Plastiks अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के निर्माण में विविधीकरण कर रही है। इस नए वेंचर का पहला चरण FY27 की तीसरी तिमाही (Q3 FY27) तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें 5 GWh का असेंबली प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में ₹150–200 करोड़ का अनुमानित निवेश होगा, जिसे कंपनी आंतरिक एक्रुअल्स (Internal Accruals) के जरिए फंड करेगी। यह कदम तेजी से बढ़ते ग्लोबल और भारतीय BESS मार्केट में कंपनी को स्थापित करेगा, जो रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन और ग्रिड स्टेबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण है।
कैपेसिटी में बढ़ोतरी और वैल्यू चेन में प्रगति:
ऑपरेशनल विस्तार भी पटरी पर है। Q3 FY26 में, 30,000 MTPA (मेट्रिक टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त कैपेसिटी ऑपरेशनल हुई, जिसमें 25,000 MT PVC के लिए और 5,000 MT HFFR (Halogen Free Flame Retardant) के लिए शामिल है। मैनेजमेंट ने XLPE कंपाउंड्स के लिए आगे विस्तार की योजनाओं का भी संकेत दिया है, जहाँ कंपनी की बाजार में अच्छी हिस्सेदारी है। Ddev Plastiks रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के जरिए वैल्यू चेन में ऊपर चढ़ने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें 132 KV तक के केबलों के लिए हाई-वोल्टेज PE कंपाउंड्स विकसित किए जा रहे हैं, और भविष्य में 220 KV तक के लक्ष्य रखे गए हैं। दिसंबर 2025 तक, कुल स्थापित कैपेसिटी 2,68,400 MTPA थी, जिसमें प्रमुख उत्पाद सेगमेंट में कैपेसिटी का उपयोग आम तौर पर मजबूत रहा है।
जोखिम और भविष्य की राह
विशिष्ट जोखिम:
कंपनी ने बताया कि HFFR बिक्री पर अमेरिकी टैरिफ (US Tariffs) के कारण मांग में आई नरमी का असर पड़ा है। हालांकि यह एक विशिष्ट उत्पाद सेगमेंट को प्रभावित करता है, लेकिन कंपनी के विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और रणनीतिक फोकस क्षेत्रों से व्यापक प्रभाव को कम करने की उम्मीद है।
आगे का दृष्टिकोण:
Ddev Plastiks अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति और बढ़ती ऑपरेशनल क्षमताओं का लाभ उठाते हुए विकास के लिए रणनीतिक रूप से तैयार है। BESS क्षेत्र में प्रवेश दीर्घकालिक अवसर प्रस्तुत करता है, जो वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) की दिशा के अनुरूप है। कैपेसिटी और हाई-वोल्टेज कंपाउंड्स के लिए R&D में निरंतर निवेश, पॉलीमर कंपाउंड्स उद्योग में सबसे आगे रहने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य का कैपेक्स (Capex) आंतरिक एक्रुअल्स के माध्यम से वित्तपोषित होता रहेगा, जो इसकी नेट डेट-फ्री स्थिति और वित्तीय लचीलेपन को मजबूत करेगा।