फंड की बड़ी एंट्री, शेयर रॉकेट
Davangere Sugar Company के स्टॉक में जबरदस्त हलचल दिखी, जब Craft Emerging Market Fund PCC ने कंपनी में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदी। यह डील 14 मई, 2026 को हुई, जिसमें फंड ने लगभग 5 करोड़ शेयर प्रति शेयर ₹3.65 की दर से खरीदे, जिसकी कुल कीमत करीब ₹18.25 करोड़ थी। इस डील के बाद कंपनी के शेयर में 6.42% की तेजी आई और यह बढ़त जारी रही। कंपनी का मानना है कि यह निवेश भारत के बढ़ते इथेनॉल और क्लीन एनर्जी सेक्टर में उसकी ग्रोथ स्ट्रैटेजी और मजबूत स्थिति के लिए एक बड़ा समर्थन है, जिसमें सरकारी नीतियों और रिन्यूएबल फ्यूल की बढ़ती मांग का भी सहारा है। Davangere Sugar 150 KLPD क्षमता वाला एक इथेनॉल प्लांट चलाती है।
वैल्यूएशन पर गहरा सवाल
हालांकि, कंपनी काvaluation विश्लेषकों के लिए गहरी चिंता का विषय बना हुआ है। Davangere Sugar का मौजूदा P/E Ratio लगभग 60x से 64x के बीच है। यह इंडस्ट्री के दिग्गजों जैसे Balrampur Chini Mills (जो करीब 24x-26x पर ट्रेड करता है) और Shree Renuka Sugars (जिसका P/E नेगेटिव है) की तुलना में काफी ज्यादा है। पिछले पांच सालों में कंपनी के प्रॉफिट ग्रोथ सीएजीआर (CAGR) में 36.7% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) सिर्फ 5.8% है। Davangere Sugar ने अभी तक कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं दिया है, और इसका इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो (Interest Coverage Ratio) भी कम है, जो संभावित वित्तीय दबाव का संकेत देता है।
बढ़ती लागत और गिरता मुनाफा
आगे की वित्तीय जांच में वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की बढ़ती जरूरतें सामने आई हैं। कंपनी के डेटर डेज (Debtor Days) 35.9 दिन से बढ़कर 48.7 दिन हो गए हैं, और वर्किंग कैपिटल डेज 127 से बढ़कर 182 दिन हो गए हैं। मार्च 2025 को समाप्त नौ महीनों में इंटरेस्ट खर्चों में 35.48% की वृद्धि हुई। हालिया नतीजों ने ऑपरेशनल चुनौतियों को भी उजागर किया है: Q3 FY26 में नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 61.3% और एबिटडा (EBITDA) में 24.7% की गिरावट आई, जबकि रेवेन्यू में ग्रोथ देखी गई। ये आंकड़े कंपनी की क्षमता पर सवाल खड़े करते हैं कि वह इथेनॉल बूम का प्रभावी ढंग से लाभ उठा सके और अपने कर्ज का प्रबंधन कर सके। पिछले तीन सालों में प्रमोटर होल्डिंग (Promoter Holding) में भी 32.7% की कमी आई है।
'स्ट्रॉन्ग सेल' रेटिंग और भविष्य की राह
इस सब चिंताओं को देखते हुए, मार्च 2026 में MarketsMOJO ने Davangere Sugar को फंडामेंटल चिंताओं के चलते 'स्ट्रॉन्ग सेल' (Strong Sell) रेटिंग दी थी। ऐतिहासिक रूप से, स्टॉक ने पिछले एक साल में -10.00% का रिटर्न दिया है और हालिया तेजी से पहले यह ₹3.03 से ₹5.50 की 52-हफ्ते की रेंज में रहा है।
निवेशक कंपनी के Q4FY26 के वित्तीय नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे, जो 16 मई, 2026 को जारी होने वाले हैं। ये नतीजे यह तय करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे कि Davangere Sugar सेक्टर की तेजी, जैसे कि भारत के E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग टारगेट और संभावित E25 विस्तार, को स्थायी ऑपरेशनल परफॉरमेंस में बदल सकती है या नहीं और अपने ऊंचे मार्केट वैल्यूएशन को सही ठहरा सकती है या नहीं। 30 सितंबर, 2026 तक चीनी निर्यात पर प्रतिबंध अप्रत्यक्ष रूप से इथेनॉल उत्पादन पर फोकस को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन यह कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता को भी उजागर करता है। मौजूदा स्टॉक प्राइस की स्थिरता बेहतर लाभप्रदता, प्रभावी ऋण प्रबंधन और योजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।