Q4 नतीजों का विस्तृत ब्यौरा
Q4 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 3.8% की बढ़ोतरी के साथ ₹4,245 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA में 13.7% का मजबूत इजाफा हुआ और यह ₹902 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA प्रति टन भी ₹926 से सुधरकर ₹1,023 हो गया। सीमेंट की बिक्री वॉल्यूम में 3% बढ़कर 8.8 मिलियन टन होने के बावजूद, नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल की समान तिमाही के ₹439 करोड़ से 10.3% घटकर ₹394 करोड़ रह गया।
फाइनल डिविडेंड और पूरे साल का दमदार प्रदर्शन
कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹5 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) का प्रस्ताव रखा है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो Dalmia Bharat ने काफी दमदार प्रदर्शन किया है। एनुअल रेवेन्यू 5.9% बढ़कर ₹14,804 करोड़ हुआ, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) में 65.5% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹699 करोड़ से बढ़कर ₹1,157 करोड़ पर पहुंच गया।
सीमेंट सेक्टर का आउटलुक और सस्टेनेबिलिटी पर जोर
भारतीय सीमेंट सेक्टर में आगे भी ग्रोथ की उम्मीद है। अनुमान है कि FY27 में वॉल्यूम ग्रोथ 7-8% रह सकती है। सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश और हाउसिंग डिमांड इस सेक्टर को सहारा दे रही है। भारत सरकार का FY24 से FY30 के बीच ₹143 ट्रिलियन का इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च सीमेंट कंपनियों के लिए लंबी अवधि में बड़ा बूस्टर साबित होगा। इस तिमाही में कंपनी ने सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर भी ध्यान देते हुए 42 MW की नई रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) क्षमता जोड़ी, जिससे कुल क्षमता 449 MW हो गई है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
बाकी बड़े प्लेयर्स की तुलना में Dalmia Bharat का वैल्यूएशन (Valuation) आकर्षक लग रहा है। यह स्टॉक 30.92 के TTM P/E (Trailing Twelve Months Price-to-Earnings) पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, UltraTech Cement 46.04 और Shree Cement 51.93 के P/E पर कारोबार कर रहे हैं। एनालिस्ट्स (Analysts) इस सेक्टर को लेकर पॉजिटिव हैं और Dalmia Bharat के लिए आम तौर पर 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जो आगे चलकर शेयर में और तेजी की ओर इशारा करता है।
तिमाही प्रॉफिट में गिरावट के कारण और भविष्य की चुनौतियाँ
Q4 में EBITDA में बढ़त के बावजूद नेट प्रॉफिट में गिरावट की वजह बढ़ी हुई लागतें या कुछ खास नॉन-ऑपरेशनल खर्चे हो सकते हैं। रेवेन्यू और वॉल्यूम बढ़ने के बावजूद PAT में कमी का मतलब है कि फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost), डेप्रिसिएशन (Depreciation) या अन्य अन-विस्तृत खर्चों का दबाव रहा होगा। Dalmia Bharat ने अतीत में भी ऐसी तिमाही प्रॉफिट गिरावट देखी है, जो कभी-कभी कम सीमेंट कीमतों या इनपुट कॉस्ट (Input Cost) बढ़ने से जुड़ी होती है। FY27 के लिए, सीमेंट सेक्टर में फ्यूल (जैसे पेटकोक और कोल) और फ्रेट (Freight) की बढ़ती लागतों से प्रॉफिट पर दबाव की आशंका है। ऐसे में ऑपरेटिंग प्रॉफिट प्रति टन में कमी आ सकती है। पिछले तीन सालों में Dalmia Bharat का ROE (Return on Equity) 5.27% रहा है, जो इंडस्ट्री के लीडर्स से काफी कम है। साथ ही, पिछले पांच सालों में 7.64% की सेल्स ग्रोथ को कुछ एनालिस्ट्स मामूली मान रहे हैं। Adani Group और UltraTech Cement जैसे प्रतिद्वंदियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, खासकर साउथ इंडिया में, भी एक फैक्टर है।
मैनेजमेंट का भरोसा
इन सबके बावजूद, कंपनी का मैनेजमेंट (Management) भविष्य को लेकर आशावादी है। CEO Puneet Dalmia ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़ी ग्रोथ के लिए Dalmia Bharat की मजबूत पोजिशनिंग पर जोर दिया। CFO Dharmender Tuteja ने कहा कि सीमेंट की कीमतों में उम्मीद सुधार और लागत कम करने के चल रहे प्रयासों से महंगाई के दबाव को मैनेज करने में मदद मिलेगी। एनालिस्ट्स भी स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जो इसके वैल्यूएशन और मार्केट पोजिशन को देखते हुए सही है। कुल मिलाकर, सीमेंट सेक्टर की डिमांड, मजबूत इकोनॉमिक माहौल और सरकारी पहलों के चलते आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है।
