Dalmia Bharat के सितंबर तिमाही के नतीजे बेहद कमजोर रहे हैं, जिसके बाद कंपनी का शेयर 52-week low के स्तर पर आ गया है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में **29%** की भारी गिरावट और इंडस्ट्री के मुकाबले सुस्त ग्रोथ ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
कमजोर तिमाही और मुनाफे में सेंध
मंगलवार को Dalmia Bharat के शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई, जो निवेशकों की निराशा को दर्शाती है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA 29% घटकर ₹493 करोड़ रह गया है। इसके पीछे मुख्य वजह सेल्स वॉल्यूम में केवल 3% की सुस्त ग्रोथ रही, जबकि सीमेंट सेक्टर की अन्य कंपनियां 9-10% की ग्रोथ दिखा रही हैं। इससे साफ है कि कंपनी को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बाजारों में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रति टन मुनाफे पर असर
कंपनी का प्रति टन मुनाफा (Profit per tonne) घटकर ₹694 के मल्टी-क्वार्टर निचले स्तर पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे फ्यूल की बढ़ती लागत और सीमेंट के गिरते दाम जिम्मेदार हैं। साथ ही, JaiPrakash Associates से अधिग्रहित सीमेंट संपत्तियों के एकीकरण के कारण कंपनी को प्रति टन ₹100 से ₹125 की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ रही है।
कर्ज का बोझ और एक्सपेंशन की चुनौती
बाजार की नजर कंपनी के बैलेंस शीट पर भी है। कंपनी का नेट डेट (Net Debt) बढ़कर ₹5,722 करोड़ हो गया है, जिससे डेट-टू-ऑपरेटिंग प्रॉफिट रेशियो बढ़कर 2x हो गया है, जो पिछली तिमाही में 1.5x था। कंपनी का सालाना एक्सपेंशन प्लान ₹3,000 करोड़ से अधिक का है, जिसे संभालना अब मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती है।
यूटिलाइजेशन का संकट
कंपनी ने अपनी क्षमता तो बढ़ाई है, लेकिन उसका सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) केवल 58% रहा है। पिछले 5 सालों में कंपनी की क्षमता 10% सालाना की दर से बढ़ी है, लेकिन सेल्स वॉल्यूम ग्रोथ केवल 7.7% रही है, जो बताता है कि कंपनी को अपना सीमेंट बेचने में मशक्कत करनी पड़ रही है।
