फार्मा पैकेजिंग सेक्टर में Dadachanji Group की धमाकेदार वापसी हो रही है। पांच साल के अंतराल के बाद कंपनी 'Kaisha Pharma' के जरिए बाजार में उतरी है और उसने **€45 मिलियन** (करीब **€4.5 करोड़**) का बड़ा निवेश किया है।
फिर से मैदान में Dadachanji Group
अपने पुराने जॉइंट वेंचर Schott Kaisha से बाहर निकलने के पांच साल बाद, Dadachanji Group ने फिर से फार्मास्युटिकल ग्लास पैकेजिंग उद्योग में कदम रखा है। कंपनी ने Kaisha Pharma नाम से अपनी नई पारी शुरू की है। बता दें कि 2021 में ग्रुप ने अपना पिछला वेंचर Serum Institute of India को बेच दिया था।
क्या है बड़ा प्लान?
कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए €45 मिलियन का बड़ा दांव लगाया है। इसके जरिए 300,000 स्क्वायर फीट की एक अत्याधुनिक फैसिलिटी तैयार की जा रही है, जो ऑटोमेटेड प्रोडक्शन लाइन्स और एडवांस्ड कैमरा इंस्पेक्शन सिस्टम से लैस होगी। कंपनी का मुख्य फोकस वॉयल्स (vials), एम्प्यूल्स (ampoules) और प्री-फिल्ड सिरिंज जैसे उत्पादों पर होगा, जो खास तौर पर सेंसिटिव दवाओं और हाई-वैल्यू बायोलॉजिक्स के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
ग्लोबल मार्केट पर नजर
कंपनी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहना चाहती। अपनी ग्लोबल पहुंच बढ़ाने के लिए Kaisha Pharma यूरोप में भी बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिस खोल रही है। यह कदम संकेत देता है कि कंपनी अब सीधे इंटरनेशनल फार्मा कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें ड्रग कंटेनमेंट और फिल-फिनिश सपोर्ट सिस्टम मुहैया कराएगी।
सेक्टर में बढ़ेगा मुकाबला
चूंकि Kaisha Pharma एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए यह स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। हालांकि, फार्मा पैकेजिंग जैसे कॉम्पिटिटिव मार्केट में इनका आना मौजूदा दिग्गजों के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है। अब मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कितनी तेजी से अपनी मैन्युफैक्चरिंग को स्केल करती है और इंटरनेशनल क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करते हुए बड़े क्लाइंट्स हासिल कर पाती है।
