DP World भारत में पोर्ट और इनलैंड लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए **$5 बिलियन** तक का निवेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य टूना टेकरा टर्मिनल और दादरी कंटेनर डिपो जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।
ग्लोबल लॉजिस्टिक्स दिग्गज DP World ने भारत में अपने पैर पसारने की बड़ी योजना का ऐलान किया है। कंपनी भारत के पोर्ट और इनलैंड लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए $3 बिलियन से $5 बिलियन के बीच निवेश करेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को भारत की ओर आकर्षित करना है, ताकि चीन पर निर्भरता कम हो सके।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और निवेश
इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा दीनदयाल पोर्ट पर स्थित 'टूना टेकरा' कंटेनर टर्मिनल पर खर्च किया जाएगा, जिसके 2025 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी उत्तर प्रदेश के दादरी में एक नया कंटेनर डिपो बनाने के लिए ₹2,000 करोड़ का निवेश कर रही है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद कोस्टल शिपिंग को रेल और रोड नेटवर्क के साथ जोड़कर लॉजिस्टिक्स की लागत और समय को कम करना है।
Apple और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर
DP World पहले से ही Apple जैसी बड़ी कंपनियों के लिए हर हफ्ते लगभग 500 टन कार्गो हैंडल कर रही है। मौजूदा समय में जब जेबेल अली जैसे पुराने ट्रांजिट हब दबाव में हैं, तो भारत के लिए यह एक बड़ा मौका है। कंपनी यूरोपीय बाजारों तक भारतीय निर्यातकों की पहुंच को और सुगम बनाने की कोशिश में जुटी है।
सेक्टर पर क्या होगा असर?
इस आक्रामक विस्तार से भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। आने वाले समय में Adani Ports and Special Economic Zone और Container Corporation of India के लिए यह सीधा मुकाबला होगा। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इन बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में कैसे पूरा करती है और घरेलू सप्लाई चेन में कितनी कुशलता से इन्हें इंटीग्रेट कर पाती है।
