DHL Supply Chain India ने गुजरात के धोलेरा में एक स्पेशलाइज्ड सेमीकंडक्टर वेयरहाउस बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी **₹50 करोड़** का निवेश करेगी, जो अगस्त **2027** तक चालू होने की उम्मीद है।
हाई-प्रिसिजन लॉजिस्टिक्स पर कंपनी का दांव
यह प्रोजेक्ट DHL ग्रुप के भारत में €1 बिलियन (लगभग ₹10,700 करोड़) के बड़े निवेश प्लान का एक हिस्सा है। इस कुल बजट में से ₹5,000 करोड़ सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रखे गए हैं, जिसमें से करीब 10% हिस्सा सेमीकंडक्टर सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। यह वेयरहाउस मुख्य रूप से टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।
क्यों है यह चुनौती भरा?
सेमीकंडक्टर चिप्स को हैंडल करना साधारण सामान से बहुत अलग है। ये चिप्स तापमान, नमी और धूल के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। इसके लिए वेयरहाउस को 'क्लीन-रूम' कंडीशन में चलाया जाएगा। इतना ही नहीं, कंपनी ने अपने ट्रकों के बेड़े में 'एयर-सस्पेंशन सिस्टम' लगाना शुरू कर दिया है ताकि ट्रांजिट के दौरान कंपन से इक्विपमेंट डैमेज न हो।
रिस्क और कंपटीशन
इस प्रोजेक्ट की सफलता टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बड़े प्लांट्स के समय पर शुरू होने पर निर्भर करती है। अगर इन मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स में देरी हुई, तो लॉजिस्टिक्स की डिमांड पर असर पड़ सकता है। साथ ही, NX Group जैसी अन्य कंपनियां भी इस मार्केट में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे मुकाबला कड़ा हो सकता है।
