DEE Development Engineers अब न्यूक्लियर पाइपिंग मार्केट में अपना विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी इसके लिए एक ग्लोबल पार्टनर के साथ ज्वाइंट वेंचर (JV) की तलाश कर रही है और इस प्रोजेक्ट में **₹100 करोड़** से ज्यादा का निवेश करेगी।
न्यूक्लियर पावर की राह पर कंपनी
DEE Development Engineers भारत के 100 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता के लक्ष्य के साथ खुद को जोड़ रही है। कंपनी का मकसद न्यूक्लियर ग्रेड पाइपिंग के आयात पर निर्भरता को कम करना है। इस स्पेशलाइज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में एंट्री की राह आसान नहीं है, क्योंकि यहां रेगुलेटरी और टेक्निकल बाधाएं बहुत अधिक हैं। मैनेजमेंट का अनुमान है कि इस नए बिजनेस से रेवेन्यू आने में अभी कम से कम 3 साल का समय लग सकता है।
फाइनेंशियल हेल्थ और ऑर्डर बुक
कंपनी ने जुलाई 2026 में ₹300 करोड़ का फंड जुटाया है, जिसका बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने और ग्रोथ पर खर्च किया जाएगा। कंपनी की ऑर्डर बुक फिलहाल ₹2,428.2 करोड़ की मजबूत स्थिति में है। इसमें BPCL से जून 2026 में मिला ₹386.83 करोड़ का ऑर्डर और Reliance Industries से अगस्त 2026 में मिला ₹36 करोड़ का ऑर्डर शामिल है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
स्टॉक अभी 62 के पीई (PE) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो काफी महंगा माना जा रहा है। इतनी प्रीमियम वैल्युएशन के चलते कंपनी पर मार्जिन सुधारने का भारी दबाव है। निवेशकों को कंपनी के नए ज्वाइंट वेंचर पार्टनर के ऐलान और मार्जिन में आने वाले उतार-चढ़ाव पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
