Cyient DLM Share Price: रिकॉर्ड ऑर्डर बुक का जलवा! Q4 में प्रॉफिट गिरा, फिर भी शेयर **4.24%** चढ़ा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Cyient DLM Share Price: रिकॉर्ड ऑर्डर बुक का जलवा! Q4 में प्रॉफिट गिरा, फिर भी शेयर **4.24%** चढ़ा
Overview

Cyient DLM के शेयर में आज **4.24%** की जोरदार तेजी देखी गई, जो **₹360.20** पर बंद हुआ। इस तूफानी उछाल की मुख्य वजह कंपनी की पिछले एक दशक की सबसे बड़ी **₹2,416.6 करोड़** की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक है, जिसने तिमाही के नतीजों में आई गिरावट को पीछे छोड़ दिया।

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नतीजों में गिरावट पर भारी पड़ी रिकॉर्ड ऑर्डर बुक

Cyient DLM Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4 FY26) के अपने वित्तीय नतीजे पेश किए। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 27.7% घटकर ₹22.4 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 13.8% गिरकर ₹369 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹428 करोड़ था। EBITDA में भी 25% की गिरावट आई और यह ₹42.9 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन घटकर 11.6% हो गया (जो पिछले साल 13.4% था)। इन सबके बावजूद, कंपनी की क्लोजिंग ऑर्डर बुक ₹2,416.6 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। बुक-टू-बिल रेशियो लगातार एक से ऊपर बना हुआ है, जो भविष्य में मजबूत मांग और रेवेन्यू ग्रोथ का संकेत देता है। इसी वजह से निवेशकों ने मौजूदा तिमाही की नतीजों की बजाय भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे 21 अप्रैल, 2026 को शेयर 4.24% की तेजी के साथ ₹360.20 पर बंद हुआ।

सेगमेंट में बदलाव और सेक्टर की मजबूती

कंपनी के डिफेंस सेगमेंट में Q4 FY26 में पिछले साल की तुलना में 68% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण बड़े एयरोस्पेस और डिफेंस प्रोजेक्ट्स का पूरा होना था। हालांकि, एयरोस्पेस अभी भी रेवेन्यू का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है। प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (PCBA) कुल रेवेन्यू का 48% रहा, जबकि बॉक्स बिल्ड रेवेन्यू में 17% का सालाना इजाफा हुआ। इंटरनेशनल मार्केट्स, खासकर एयरोस्पेस, मेडिकल और इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स से ग्रोथ आ रही है, जबकि भारत का योगदान केवल 8% रहा। भविष्य में लगातार ऑर्डर मिलने के लिए मेडिकल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में diversification एक अहम रणनीति होगी।

ऑर्डर साइक्लिकिटी और मार्जिन दबाव का जोखिम

हालांकि रिकॉर्ड ऑर्डर बुक एक मजबूत सहारा है, लेकिन बड़े और साइक्लिकल डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स पर कंपनी की निर्भरता के कारण रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जैसा कि Q4 FY26 में डिफेंस सेगमेंट की गिरावट से जाहिर हुआ। एनालिस्ट्स ने बताया कि रेवेन्यू Q3 FY26 के अनुमानों से कम रहा। प्रॉफिटेबिलिटी पर भी दबाव देखा गया, EBITDA मार्जिन 11.6% पर आ गए। यह बिजनेस मिक्स में बदलाव या ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी के कारण हो सकता है। कंपनी ने FY26 में कुछ एक-बारगी खर्चों (one-time items) का भी जिक्र किया, जैसे अर्नआउट रिवर्सल और M&A खर्चे। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 21.4% है, जो हेल्दी माना जाता है। इसका P/E रेशियो लगभग 33.1x है, जो इंडियन इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री के औसत से ज्यादा है।

भविष्य की राह और एनालिस्ट्स की राय

एनालिस्ट्स का Cyient DLM पर नज़रिया सतर्कतापूर्ण लेकिन आशावादी है। उनका मानना है कि कंपनी के लिए 'सबसे बुरा दौर अब बीत चुका है' और Q4 FY26 से ग्रोथ फिर से पटरी पर आ जाएगी। औसतन, एनालिस्ट्स का टारगेट प्राइस ₹469.67 है, जो मौजूदा शेयर प्राइस से 30% से अधिक की संभावित बढ़त का संकेत देता है। ज्यादातर एनालिस्ट्स 'Accumulate' या 'Buy' की सलाह दे रहे हैं। कंपनी की रणनीति में नॉर्थ अमेरिका और EMEA में अधिग्रहण के जरिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार करना और मेडिकल व इंडस्ट्रियल सेक्टर में diversification शामिल है। इन योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करना भारतीय ईएमएस और एयरोस्पेस एंड डिफेंस इंडस्ट्री में ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.