Motilal Oswal ने Cummins India पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹6,400 तय किया है। डेटा सेंटर और इंडस्ट्रियल सेगमेंट से डिमांड तो अच्छी है, लेकिन कंपनी फिलहाल मार्जिन प्रेशर झेल रही है। साथ ही, मैनेजिंग डायरेक्टर के इस्तीफे के बाद मैनेजमेंट में बदलाव भी एक अहम फैक्टर है।
ब्रोकरेज की नई चाल, ₹6,400 का टारगेट!
Motilal Oswal ने Cummins India Ltd. पर अपना भरोसा जताते हुए 'Buy' की सलाह दी है और शेयर का नया टारगेट प्राइस ₹6,400 तय किया है। मौजूदा शेयर की कीमत करीब ₹5,190 को देखते हुए, यह टारगेट करीब 23% के दमदार उछाल का इशारा कर रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च में बड़े बदलावों का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है, खासकर डेटा सेंटर्स की पावर जेनरेट करने की जरूरतों को पूरा करने में।
डिमांड के मुख्य इंजन
डेटा सेंटर्स को भरोसेमंद पावर सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग कंपनी के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हो रही है। Cummins India हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स की भारी पावर जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष इंजन सप्लाई कर रही है, जिसमें लोकल मेड QSK60 यूनिट्स और इंपोर्टेड QSK78 और QSK95 मॉडल्स शामिल हैं। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा, कंपनी को रेलवे, डिफेंस, माइनिंग और मरीन जैसे दूसरे अहम इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स से भी लगातार डिमांड मिल रही है। यूरोप और एशिया पैसिफिक मार्केट्स में एक्सपोर्ट भी दूसरे रीजन्स में धीमी मांग के मुकाबले सहारा दे सकते हैं।
मार्जिन पर दबाव, प्रॉफिट में गिरावट
हालांकि, कंपनी की ग्रोथ की तस्वीर अच्छी दिख रही है, लेकिन हालिया फाइनेंशियल नतीजों में कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में Cummins India ने ₹3,426 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 18% ज्यादा है। लेकिन, इसी दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 7.9% घटकर ₹543 करोड़ रह गया।
प्रॉफिट पर दबाव का एक बड़ा कारण मार्जिन में आई कमी है। 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन में सालाना आधार पर करीब 350 बेसिस पॉइंट की कमी आई। यह गिरावट कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई है। नतीजतन, ब्रोकरेज ने 2027 से 2029 के फाइनेंशियल इयर्स के लिए अपनी अर्निंग एस्टीमेट्स को थोड़ा एडजस्ट किया है, ताकि इन इनपुट कॉस्ट की चुनौतियों को ध्यान में रखा जा सके।
मैनेजमेंट में बदलाव
निवेशक कंपनी के लीडरशिप में एक बड़े बदलाव पर भी नजर रख रहे हैं। मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर, Shveta Arya, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और उनका कार्यकाल 31 अगस्त, 2026 को समाप्त होगा। बड़ी कंपनियों में मैनेजमेंट में बदलाव भविष्य की रणनीति या ऑपरेशनल कंटिन्यूटी को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकता है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स शायद सक्सेशन प्लान पर अपडेट्स का इंतजार करेंगे और देखेंगे कि नया नेतृत्व मौजूदा बिजनेस की दिशा को बनाए रखता है या नहीं।
आगे चलकर, शेयरधारकों के लिए मुख्य चिंताएं यह होंगी कि कंपनी कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का बोझ ग्राहकों पर कितना डाल पाती है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन सुधर सके, बड़े डेटा सेंटर ऑर्डर्स कितनी तेजी से पूरे होते हैं, और लीडरशिप ट्रांजीशन पर क्या अपडेट्स आते हैं। ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज में कोई भी उतार-चढ़ाव या इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च में बदलाव भी आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
