Q3 में क्यों गिरी मुनाफे की रफ्तार?
Cummins India के नतीजों पर नजर डालें तो, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹3,006.24 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹3,052.15 करोड़ से थोड़ा कम है। इसी के चलते, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 12.96% गिरकर ₹486.06 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹558.46 करोड़ था। नतीजतन, बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) घटकर ₹17.53 रह गए, जो पिछले साल ₹20.15 थे।
नौ महीनों में दमदार प्रदर्शन
तिमाही नतीजों में गिरावट के बावजूद, कंपनी ने नौ महीनों (9-month period) में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। इस अवधि में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 15.34% बढ़कर ₹8,986.53 करोड़ हो गया, और PAT में 16.45% की जोरदार उछाल आकर यह ₹1,712.29 करोड़ पर पहुंच गया।
स्टैंडअलोन नतीजे और EPS की गड़बड़ी
स्टैंडअलोन नतीजों में भी तिमाही के दौरान रेवेन्यू 1.16% घटकर ₹3,006.24 करोड़ और PAT 11.85% गिरकर ₹453.10 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन EPS भी ₹18.54 से घटकर ₹16.35 पर आ गया। हालांकि, नौ महीनों के स्टैंडअलोन आंकड़ों में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जहां PAT 21.35% बढ़कर ₹1,680.06 करोड़ हुआ, वहीं रिपोर्ट किया गया स्टैंडअलोन 9-महीने का EPS पिछले साल के ₹68.75 से घटकर ₹60.61 हो गया। यह विसंगति कंपनी से स्पष्टीकरण की मांग करती है।
मार्जिन्स पर दबाव और खास खर्चे
तिमाही के दौरान कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) मार्जिन्स पर भी दबाव देखा गया। कंसोलिडेटेड PBT मार्जिन घटकर 19.72% रहा, जो पिछले साल 22.25% था। स्टैंडअलोन मार्जिन भी 18.55% पर आ गया। नतीजों पर कुछ खास आइटम्स का भी असर पड़ा, जिसमें सब्सिडियरी Cummins Sales & Service Private Limited (CSSPL) की बिक्री से हुआ ₹12.59 करोड़ (कंसोलिडेटेड) और ₹44.15 करोड़ (स्टैंडअलोन) का मुनाफा शामिल है। इसके अलावा, नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के कारण ग्रेच्युटी और कॉम्पेंसेटेड एब्सेंस के लिए लगभग ₹127 करोड़ का बड़ा चार्ज बुक किया गया, जिसने तिमाही की लाभप्रदता को और प्रभावित किया।
शेयरधारकों के लिए ₹20 का डिविडेंड
इन सबके बीच, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹20 प्रति इक्विटी शेयर (Face Value of ₹2 पर 1000%) का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने की घोषणा की है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 11 फरवरी 2026 तय की गई है।
आगे क्या? कोई आउटलुक नहीं
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस घोषणा में भविष्य के लिए कोई आउटलुक (Outlook) या गाइडेंस जारी नहीं किया है। तिमाही के प्रॉफिट में गिरावट और मार्जिन में कमी को देखते हुए, निवेशकों के लिए यह एक चिंता का विषय है। नए लेबर कोड्स का प्रभाव और आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, स्टैंडअलोन 9-महीने के EPS में आई विसंगति पर कंपनी से स्पष्टीकरण की उम्मीद है।
