तिमाही नतीजों में नरमी, पर 9 महीने का प्रदर्शन शानदार
Cummins India Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अन-ऑडिटेड (Unaudited) वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार थोड़ा मिला-जुला रहा, जहां तिमाही नतीजों में नरमी दिखी, वहीं नौ महीनों के आंकड़े मजबूत ग्रोथ का संकेत देते हैं।
तिमाही नतीजों पर एक नजर (Q3 FY26 बनाम Q3 FY25)
- कंपनी का रेवेन्यू (Revenue from operations) पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 1.5% घटकर ₹3,006.24 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹3,052.15 करोड़ था।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 13.3% की गिरावट आई, जो ₹486.06 करोड़ पर आ गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹558.46 करोड़ था।
- बेसिक ईपीएस (Basic Earnings Per Share) भी 13.0% गिरकर ₹17.53 हो गया, जो पहले ₹20.15 था।
- PAT मार्जिन भी घटकर लगभग 16.17% रह गया, जो पिछले साल 18.30% था।
नौ महीनों की दमदार ग्रोथ
इसके विपरीत, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है।
- इस अवधि में रेवेन्यू में 15.3% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹8,986.53 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले साल ₹7,791.11 करोड़ था।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 16.5% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹1,712.29 करोड़ रहा (पिछले साल ₹1,470.44 करोड़)।
- बेसिक ईपीएस (Basic EPS) भी 16.4% बढ़कर ₹61.77 हो गया।
- नौ महीनों के लिए PAT मार्जिन में भी मामूली सुधार हुआ, जो 19.05% रहा।
क्यों आई तिमाही मुनाफे में गिरावट? (एक्सेप्शनल आइटम का असर)
तिमाही में मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह ₹126.54 करोड़ का एक बड़ा एक्सेप्शनल आइटम (Exceptional Item) रहा। यह चार्ज भारत सरकार के चार लेबर कोड्स (Labour Codes) के लागू होने के कारण ग्रेच्युटी प्रावधानों (Gratuity Provisions) और लॉन्ग-टर्म कॉम्पेन्सेटेड एब्सेंसेज (Long-term Compensated Absences) पर पड़े अतिरिक्त प्रभाव से जुड़ा है। कंपनी ने इसे एक रेगुलेटरी-ड्रिवेन और नॉन-रिकरिंग (Non-recurring) घटना बताया है, जिसका तिमाही नतीजों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।
₹20 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित
निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹20 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है। इक्विटी शेयर के ₹2 के फेस वैल्यू (Face Value) पर यह 1000% है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 11 फरवरी 2026 तय की गई है, और भुगतान लगभग 02 मार्च 2026 तक होने की उम्मीद है।
सेगमेंट प्रदर्शन (Q3 FY26)
- इंजन (Engine) सेगमेंट ने ₹3,006.24 करोड़ का रेवेन्यू और ₹607.84 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया।
- लुब्स (Lubes) सेगमेंट का योगदान ₹733.94 करोड़ के रेवेन्यू और ₹47.68 करोड़ के PBT के रूप में रहा।
ऑडिटर की रिपोर्ट
कंपनी के अनऑडिटेड कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की स्टेट्यूटरी ऑडिटर, प्राइस वाटरहाउस एंड कंपनी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एलएलपी (Price Waterhouse & Co Chartered Accountants LLP) द्वारा सीमित समीक्षा (Limited Review) की गई है। ऑडिटर को कोई मटेरियल मिसस्टेटमेंट (Material Misstatement) नहीं मिला है।
आगे की राह
तिमाही नतीजों में रेवेन्यू और PAT में गिरावट चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन एक्सेप्शनल आइटम को एक बार का खर्च माना जा रहा है। वहीं, नौ महीनों की मजबूत ग्रोथ कंपनी की अंडरलाइंग परफॉर्मेंस को दर्शाती है। निवेशकों की नजर अब कंपनी के रेगुलेटरी बदलावों से निपटने और भविष्य में ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने की क्षमता पर होगी।
