Stand-alone परफॉरमेंस दमदार, पर कंसोलिडेटेड तस्वीर धुंधली
Control Print ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3) में अपने स्टैंडअलोन (standalone) नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 16% बढ़कर ₹109 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹94 करोड़ था। वहीं, 9 महीने (9M FY26) के दौरान कुल रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹322 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹280 करोड़ था। कंपनी का कोडिंग और मार्किंग (coding and marking) सेगमेंट, जो कुल बिजनेस का 92% है, रेवेन्यू का मुख्य जरिया बना रहा।
प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) के मोर्चे पर भी स्टैंडअलोन आधार पर अच्छी खबर है। EBITDA में 21% की साल-दर-साल ग्रोथ देखी गई, जबकि Profit Before Tax (PBT) में 35% की बढ़ोतरी हुई। Profit After Tax (PAT) भी 19% बढ़ा, हालांकि तिमाही में टैक्स प्रोविजन्स (tax provisions) बढ़ने से इसमें कुछ कमी आई।
यूरोप का घाटा और बढ़ते खर्च बने चिंता का सबब
जहां कंपनी का मुख्य भारतीय कारोबार मजबूती दिखा रहा है, वहीं कंसोलिडेटेड (consolidated) नतीजों पर यूरोप की सब्सिडियरी (subsidiaries) से हो रहे घाटे का असर साफ दिख रहा है, खासकर पैकेजिंग मशीनरी (packaging machinery) के बिजनेस में। मैनेजमेंट ने बताया कि नए प्रोडक्ट्स के लिए R&D कॉस्ट को करंट खर्चों में दिखाया जा रहा है, जिससे इन इंटरनैशनल वेंचर्स की तत्काल प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ रहा है।
इटली में नई पैकेजिंग मशीनों को लेकर एग्जीक्यूशन (execution) में आई चुनौतियों और ऑर्डर मिलने में देरी ने भी रेवेन्यू रिकग्निशन (revenue recognition) को प्रभावित किया। इसके अलावा, नए लेबर कोड्स (labor codes) के तहत एम्प्लॉई कॉस्ट (employee costs) में वृद्धि, जैसे ग्रेच्युटी (gratuity) और स्टाफ इंसेंटिव (staff incentive) के प्रावधान, और 'अन्य खर्चों' (other expenses) जैसे बिजनेस प्रमोशन (business promotion) और ट्रैवल (travel) में बढ़ोतरी ने भी प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाला है। कंपनी इन बढ़ते खर्चों की समीक्षा कर रही है।
कैश फ्लो मजबूत, डिविडेंड का भी ऐलान
इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने मजबूत कैश फ्लो (cash flow) जनरेशन की जानकारी दी। साथ ही, लगभग ₹15 करोड़ का डिविडेंड (dividend) भी घोषित किया गया है। मुख्य बिजनेस में मेंटेनेंस CapEx (maintenance CapEx) डेप्रिसिएशन (depreciation) के अनुरूप है, जबकि कुछ CapEx पैकेजिंग मटेरियल डेवलपमेंट (packaging material development) के लिए आवंटित किया गया है।
आगे की राह: टर्नअराउंड और ग्रोथ की रणनीति
Control Print की स्ट्रेटेजी (strategy) अपने मुख्य कोडिंग और मार्किंग बिजनेस को मजबूत करने, इंस्टाल बेस (install base) को बढ़ाने और कीमतों में बढ़ोतरी पर केंद्रित है। कंपनी का लक्ष्य कोडिंग और मार्किंग सेगमेंट में 10-12% की ग्रोथ हासिल करना है, जिसमें Control Print अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (product portfolio) का लाभ उठाते हुए 15% ग्रोथ का अनुमान लगा रही है। पैकेजिंग सेगमेंट को भारत में Q1 FY27 तक और यूरोप में Q3/Q4 FY27 तक ब्रेक-ईवन (break-even) पर लाने का लक्ष्य है। निवेशकों को इन टर्नअराउंड प्लांस (turnaround plans) के एग्जीक्यूशन, कॉस्ट मैनेजमेंट (cost management) पहलों के असर और ट्रैक एंड ट्रेस (track & trace) सॉल्यूशंस के विकास पर नजर रखनी चाहिए।