Construction Equipment सेक्टर में अप्रैल 2026 के दौरान रिटेल बिक्री में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2.25% की गिरावट दर्ज की गई। यह जानकारी ICRA की एक रिपोर्ट से सामने आई है।
इस गिरावट का मुख्य कारण मांग में कमी नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरर्स और डीलर्स द्वारा नए एमिशन स्टैंडर्ड्स (emission standards) के लिए इन्वेंट्री क्लीयरेंस (inventory clearance) बताया जा रहा है। पिछले साल अप्रैल में इसी तरह की इन्वेंट्री क्लीयरेंस की वजह से बिक्री बढ़ी हुई दिख रही थी।
ICRA लिमिटेड की वाइस प्रेसिडेंट, रितु गोस्वामी (Ritu Goswami) ने बताया कि मार्च के मुकाबले 8% की मासिक गिरावट भी फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) खत्म होने के बाद के सामान्य मौसमी पैटर्न (seasonal pattern) को दर्शाती है। यह बताता है कि बाजार में कोई बड़ी मंदी नहीं है, बल्कि यह सामान्य बाजार चक्र का हिस्सा है।
मार्केट शेयर की बात करें तो, JCB India ने अपनी स्थिति और मजबूत की है। अप्रैल 2026 में इसका मार्केट शेयर बढ़कर 45.02% हो गया, जो पिछले साल 41.18% था। वहीं, Action Construction Equipment (ACE) का मार्केट शेयर घटकर 11.55% रह गया, जो पहले 14.29% था।
भविष्य की बात करें तो, भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) प्रोजेक्ट्स के लिए आउटलुक (outlook) काफी मजबूत बना हुआ है। केंद्र सरकार के FY27 के लिए ₹12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) प्लान का बड़ा सहारा है। इस बजट में हाईवे, रेलवे और जल जीवन मिशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए फंड में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) भी 2028 तक जारी रहेगी।
इन सब वजहों को देखते हुए, ICRA ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026-2027 के लिए कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट इंडस्ट्री की ओवरऑल वॉल्यूम ग्रोथ (volume growth) का अनुमान 3% से 5% पर बरकरार रखा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि Ajax Engineering, Escorts Kubota और Bull Machines जैसी कंपनियों ने भी ईयर-ऑन-ईयर अपना मार्केट शेयर बढ़ाया है।
