Cochin Shipyard का Svitzer के साथ बड़ा करार: ग्रीन टग्स पर नजर, शेयर में दबाव क्यों?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Cochin Shipyard का Svitzer के साथ बड़ा करार: ग्रीन टग्स पर नजर, शेयर में दबाव क्यों?

Cochin Shipyard डेनमार्क की कंपनी Svitzer के लिए चार बैटरी-इलेक्ट्रिक टग्स बना रही है, जिनकी डिलीवरी **2027** से शुरू होगी। इस ग्रीन प्रोजेक्ट के बीच, निवेशक कंपनी के गिरते मुनाफे और रेगुलेटरी अनुपालन पर भी नजर गड़ाए हुए हैं।

ग्रीन शिपिंग की ओर बड़ा कदम

Cochin Shipyard Limited (CSL) ने डेनमार्क की दिग्गज कंपनी Svitzer के साथ चार बैटरी-इलेक्ट्रिक 'TRAnsverse 2600e' टग्स बनाने का करार किया है। दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित यह समझौता जीरो-एमिशन समुद्री ऑपरेशन्स की दिशा में एक बड़ी पहल है। 26 मीटर लंबे इन जहाजों की डिलीवरी 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक होने की उम्मीद है। ये टग्स 70-टन बोलार्ड पुल क्षमता के साथ काम करेंगे, जिससे पोर्ट्स पर उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह प्रोजेक्ट भारत के 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' और 'ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम' के अनुरूप है।

वित्तीय मोर्चे पर चुनौती

ऑर्डर बुक मजबूत होने के बावजूद, कंपनी के हालिया नतीजे निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हैं। जून 2026 को समाप्त तिमाही में Cochin Shipyard का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 19.4% गिर गया है। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 22.7% से घटकर 17.6% पर आ गया है, जो बढ़ती लागत और ऑपरेशनल चुनौतियों को दर्शाता है।

रेगुलेटरी और मार्केट का दबाव

वित्तीय दिक्कतों के अलावा, कंपनी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से रेगुलेटरी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों और समितियों के गठन में नियमों का पालन न करने पर कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। इस गवर्नेंस मुद्दे का असर शेयर की कीमतों पर भी दिख रहा है। सितंबर 2026 तक कंपनी का शेयर इस साल अब तक लगभग 10% नीचे कारोबार कर रहा है।

अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इन हाई-टेक इलेक्ट्रिक जहाजों के निर्माण को समय पर कैसे पूरा करती है और अपने मार्जिन को कैसे स्थिर करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.