Cochin Shipyard Stock Price: निवेशकों को झटका! रेवेन्यू में **15.6%** की गिरावट, शेयर **7.5%** लुढ़का

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Cochin Shipyard Stock Price: निवेशकों को झटका! रेवेन्यू में **15.6%** की गिरावट, शेयर **7.5%** लुढ़का
Overview

Cochin Shipyard के निवेशकों को आज बड़ा झटका लगा है। कंपनी के Q4FY26 के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिसके चलते शेयर में लगभग **7.5%** की बड़ी गिरावट आई। इस गिरावट की मुख्य वजह शिप रिपेयर सेगमेंट में आई कमजोरी के कारण रेवेन्यू में **15.6%** की भारी कमी रही।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

बाजार ने Cochin Shipyard के चौथी तिमाही के नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। नतीजों के एलान के बाद शेयर 18 मई, 2026 को इंट्राडे में ₹1,475 के निचले स्तर तक पहुंच गए, जो कि 7.5% की गिरावट दर्शाता है।

कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू Q4FY26 में पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 15.6% घटकर ₹1,484.3 करोड़ रहा। इस रेवेन्यू में आई कमी का मुख्य कारण शिप रिपेयर सेगमेंट से 61% की भारी गिरावट रहा, जो घटकर ₹330 करोड़ रह गया। वहीं, शिपबिल्डिंग रेवेन्यू में 25% की बढ़त देखी गई और यह ₹1,150 करोड़ तक पहुंच गया।

टॉप-लाइन में इस कमी के बावजूद, कंपनी ने अपने EBITDA (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation, and Amortisation) में 16.5% का इजाफा किया, जो ₹310 करोड़ रहा। इससे EBITDA मार्जिन में भी जबरदस्त सुधार हुआ और यह 20.9% तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तिमाही में 15.1% था। यह कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट कंट्रोल को दर्शाता है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में 3.7% की मामूली गिरावट आई और यह ₹277 करोड़ रहा।

फिलहाल, Cochin Shipyard का TTM (Trailing Twelve Months) P/E रेश्यो 57.7x से 61.8x के बीच है, और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹41,950 करोड़ है। इसकी तुलना में, इसके मुख्य प्रतिस्पर्धी Mazagon Dock Shipbuilders (MDL) का TTM P/E रेश्यो लगभग 37x से 39.5x है और मार्केट कैप ₹100,000 करोड़ से अधिक है। विश्लेषकों का मानना है कि Cochin Shipyard का वैल्यूएशन अपने पीयर्स की तुलना में काफी ज्यादा है।

हालांकि, भारतीय डिफेंस और शिपबिल्डिंग सेक्टर में मजबूत ग्रोथ देखी जा रही है। सरकार के डिफेंस खर्च में बढ़ोतरी और आत्मनिर्भरता पर जोर, जिसके लिए FY 2026-27 के बजट में ₹7.85 लाख करोड़ का प्रावधान है, सेक्टर को मजबूती दे रहा है। Maritime India Vision 2030 और 2047 जैसी पहलें भी एक अनुकूल माहौल बना रही हैं। Cochin Shipyard के पास मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें ₹3,240 करोड़ के छह LNG-पावर्ड कंटेनर जहाजों का ऑर्डर और नेवी के नेक्स्ट जेनरेशन सर्वे वेसल प्रोग्राम के लिए ₹5,000 करोड़ का L1 स्टेटस शामिल है।

इसके बावजूद, कुछ विश्लेषकों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। रेवेन्यू की सस्टेनेबिलिटी को लेकर चिंताएं हैं, खासकर शिप रिपेयर सेगमेंट में आई बड़ी गिरावट को देखते हुए। Q4 FY26 में नॉन-ऑपरेटिंग इनकम पर निर्भरता के कारण कंपनी के फाइनेंशियल ट्रेंड को 'नेगेटिव' माना जा रहा है। साथ ही, इंटरेस्ट एक्सपेंस (Interest Expense) अपने तिमाही स्तर पर सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जो बढ़ते फाइनेंशियल लीवरेज या वर्किंग कैपिटल प्रेशर का संकेत हो सकता है। Antique Stock Broking ने 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,693 रखा है। कंपनी ने FY26 के लिए ₹1.5 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी रिकमेंड किया है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.