Cochin Shipyard ने डेनमार्क की कंपनी Svitzer A/S के लिए तीन बैटरी-इलेक्ट्रिक टग्स का स्टील-कटिंग काम शुरू कर दिया है। कंपनी के लिए यह ग्रीन पोर्टफोलियो का विस्तार है, लेकिन निवेशक इसके FY27 मार्जिन गाइडेंस को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
ग्रीन शिपिंग पर कंपनी का दांव
Cochin Shipyard Limited (CSL) ने डेनमार्क की समुद्री ऑपरेटर कंपनी Svitzer A/S के लिए तीन एडवांस्ड TRAnsverse 2600e बैटरी-इलेक्ट्रिक टग्स के निर्माण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 में हुए एक समझौते का हिस्सा है। इस डील में चार जहाजों का ऑर्डर शामिल था, साथ ही क्लाइंट के पास चार और जहाजों का विकल्प भी है। यह कदम भारत के 'Green Tug Transition Programme' और 'Maritime India Vision 2030' के लक्ष्यों के अनुरूप है।
मार्जिन गाइडेंस का दबाव
भले ही यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की ग्लोबल पहचान मजबूत करता है, लेकिन शेयरधारकों की नजरें इसके वित्तीय लक्ष्यों पर टिकी हैं। CSL ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए 14% के आसपास EBITDA मार्जिन का अनुमान दिया है। यह मार्जिन पिछले दौर की तुलना में कम है, जिसके चलते निवेशकों का भरोसा डगमगाया है और स्टॉक अपने 52-वीक हाई से नीचे लुढ़का है।
रिस्क और चुनौतियां
एक बड़ी प्रोजेक्ट-आधारित कंपनी होने के नाते, CSL के सामने कई चुनौतियां भी हैं:
- एग्जीक्यूशन रिस्क: प्रोजेक्ट में देरी होने का डर।
- रॉ मटेरियल की कीमतें: कच्चे माल की लागत में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
- साइक्लिकल डिमांड: ग्लोबल शिपबिल्डिंग सेक्टर में मांग का चक्र।
इन टग्स की डिलीवरी 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में अपेक्षित है। अब बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि कंपनी किस तरह से लागत को नियंत्रित करती है और प्रोडक्शन टारगेट को समय पर पूरा करती है।
