Coal India: कोयले से आगे बढ़ रही कंपनी, ₹69,346 करोड़ का बड़ा डायवर्सिफिकेशन प्लान

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AuthorMehul Desai|Published at:
Coal India: कोयले से आगे बढ़ रही कंपनी, ₹69,346 करोड़ का बड़ा डायवर्सिफिकेशन प्लान

Coal India Limited ने अपने कारोबार के विस्तार के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। कंपनी कोयला-से-रसायन (Coal-to-Chemicals) प्रोजेक्ट्स पर **₹69,346 करोड़** खर्च करने जा रही है।

दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी, Coal India Limited अब एक नई दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी ने अपनी निर्भरता सिर्फ कोयला खनन से हटाकर एनर्जी और केमिकल सेक्टर की ओर मोड़ने का फैसला किया है। इस बड़े बदलाव के तहत, कंपनी कुल ₹69,346 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करने वाली है, जो उसके अब तक के सबसे बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान में से एक है।

बड़े प्रोजेक्ट्स और पार्टनरशिप्स

इस योजना के तहत यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट और सिंथेटिक नेचुरल गैस का उत्पादन किया जाएगा। प्रमुख प्रोजेक्ट्स में Talcher Fertilisers Limited शामिल है, जिस पर ₹19,062 करोड़ की लागत आएगी। वहीं, Bharat Coal Gasification & Chemicals Limited प्रोजेक्ट में ₹25,015 करोड़ का निवेश किया जाएगा। तकनीकी जटिलता को कम करने के लिए कंपनी Bharat Petroleum Corporation जैसे बड़े दिग्गजों के साथ जॉइंट वेंचर में भी काम कर रही है।

इसके अलावा, कंपनी Damodar Valley Corporation के साथ मिलकर 2x800 MW के थर्मल पावर प्लांट पर काम कर रही है और तेलंगाना में 187.5 MW/750 MWh की बैटरी स्टोरेज क्षमता विकसित कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

Coal India को हमेशा से एक 'कैश-रिच' कंपनी के रूप में जाना जाता रहा है, जो निवेशकों को शानदार डिविडेंड देती है। अब कंपनी के मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा फ्यूचर ग्रोथ और नए प्रोजेक्ट्स में फिर से निवेश (Reinvest) किया जाएगा। यह कंपनी के लिए एक बड़ा तकनीकी बदलाव है। हालांकि, मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि वे 'स्टेज-गेटेड' निवेश अप्रोच अपनाएंगे, यानी बड़े पैमाने पर निवेश करने से पहले पायलट प्रोजेक्ट्स में सफलता सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी तरह के बड़े नुकसान से बचा जा सके।

क्रिटिकल मिनरल्स पर नजर

कंपनी ने अब ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी एंट्री ले ली है। शेयरधारकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी कितनी तेजी से इन नए प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है और क्या वे अपनी कोर माइनिंग प्रॉफिटेबिलिटी को बरकरार रख पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.